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धावकों के पैरों में घाव होने से बचाएंगीं स्मार्ट लेगिंग्स
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
Updated Sat, 05 Mar 2016 11:59 AM IST
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अपनी प्रतिभा का परिचय देती हुई महिला एथलीट
- फोटो : Reuters
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मैराथन में दौड़ने या फिर दौड़ लगाने के दौरान पैरों में चोट न आए, इसका ध्यान अब स्मार्ट लेगिंग्स रखेंगीं। वैज्ञानिकों ने पहली बार ऐसी लेगिंग्स तैयार की हैं, जो पैर की मांसपेशियों की थकान का पता लगाने में मदद करती हैं। इससे धावक को ये पता चलेगा कि उसे मांसपेशियों को आराम देने की जरूरत है।
इससे मांसपेशियों में आने वाले खिंचाव से भी बचा सकेगा। लंदन के किंग्स कॉलेज के शोधकर्ता रोजर रिबस मनेरो ने स्मार्ट लेगिंग को तैयार किया है। दरअसल इससे पहले मांसपेशियों की थकान का पता लगाने के लिए इनमें एक पतला सा तार डाला जाता था, जिससे मांसपेशियों की स्थिति का पता लगाया जाता है।
दूसरा यह कि पैरों पर इलेक्ट्रोरॉड्स को पहना जाए, लेकिन इसके लिए पहनने वाले का प्रशिक्षित होना जरूरी है। इन दोनों पारंपरिक जरियों के मुकाबले मनेरो की स्मार्ट लेगिंग काफी सुविधाजनक और उपयोग करने में आसान है। मनेरो ने धावकों की साधारण लेगिंग पर ही इलेक्ट्रोरॉड्स को लगा दिया है।
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जब भी धावक दौड़ के दौरान लेगिंग पहनता है, तो ये इलेक्ट्रोरॉड्स डेटा एकत्रित कर एक छोटे से उपकरण पर भेजते हैं और उपकरण बता देता है कि मांसपेशियां थकी हैं कि नहीं, जिसके आधार पर धावक दौड़ जारी रखने को लेकर फैसला ले सकता है और संभावित घाव व मोच से बचा जा सकता है।
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इससे मांसपेशियों में आने वाले खिंचाव से भी बचा सकेगा। लंदन के किंग्स कॉलेज के शोधकर्ता रोजर रिबस मनेरो ने स्मार्ट लेगिंग को तैयार किया है। दरअसल इससे पहले मांसपेशियों की थकान का पता लगाने के लिए इनमें एक पतला सा तार डाला जाता था, जिससे मांसपेशियों की स्थिति का पता लगाया जाता है।
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दूसरा यह कि पैरों पर इलेक्ट्रोरॉड्स को पहना जाए, लेकिन इसके लिए पहनने वाले का प्रशिक्षित होना जरूरी है। इन दोनों पारंपरिक जरियों के मुकाबले मनेरो की स्मार्ट लेगिंग काफी सुविधाजनक और उपयोग करने में आसान है। मनेरो ने धावकों की साधारण लेगिंग पर ही इलेक्ट्रोरॉड्स को लगा दिया है।
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जब भी धावक दौड़ के दौरान लेगिंग पहनता है, तो ये इलेक्ट्रोरॉड्स डेटा एकत्रित कर एक छोटे से उपकरण पर भेजते हैं और उपकरण बता देता है कि मांसपेशियां थकी हैं कि नहीं, जिसके आधार पर धावक दौड़ जारी रखने को लेकर फैसला ले सकता है और संभावित घाव व मोच से बचा जा सकता है।