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सबसे ऊंची छलांग के लिए करना होगा इंतज़ार
बीबीसी हिन्दी
Updated Wed, 10 Oct 2012 07:53 AM IST
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न्यू मेक्सिको में रॉसवेल में हवा के उलटे रुख़ के कारण फेलिक्स छलांग नहीं लगा पाए। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि अब गुरुवार को शायद फेलिक्स ये कारनामा कर पाएँ। फेलिक्स बॉमगार्टनर एक गुब्बारे की मदद से न्यू मैक्सिको के रॉसवेल के ऊपर साढ़े छत्तीस किलोमीटर की ऊंचाई से कूदने वाले थे।
निर्वात में (जहाँ हवा नहीं है) इस ऊंचाई से कूदने के दौरान 40 सेकंड के भीतर उनकी गिरने की गति 1,110 किलोमीटर प्रतिघंटे की हो जाएगी। 43 साल के फेलिक्स बॉमगार्टनर खतरों के खिलाड़ी हैं और गगनचुंबी इमारतों कूद के लिए प्रसिद्ध है, लेकिन वो इस कूद के खतरों से अंजान नही है।
वे जिस ऊँचाई से छलांग लगाने की कोशिश करेंगे वहाँ वायु का दबाव समुद्र के स्तर से दो फीसदी कम है और ऐसे में चुनौती साँस लेने की है क्योंकि यहाँ बिना ऑक्सीजन की आपूर्ति के बिना साँस लेना असंभव है। सबसे ऊँची जगह से कूदने के मौजूदा रिकॉर्ड को जिन लोगों ने तोड़ने की कोशिश की है वो अपनी जान गंवा चुके हैं।
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सबसे अधिक ऊंचाई से कूदने का रिकॉर्ड सेवानिवृत्त अमरीकी वायु सेना के कर्नल जो किटिंगर के नाम पर है। अगस्त 1960 में वो गुब्बारे की मदद से 31. 3 किलोमीटर की ऊंचाई से धरती पर कूदे थे। अब किटिंगर बॉमगार्टनर टीम का हिस्सा है और वो रेडियो के जरिए उनसे संपर्क में रहेंगे।
इस ऊँची कूद के खतरों को कम करने कि लिए इंजीनियरों ने हर संभव कोशिश की है। ऑस्ट्रिया के इंजीनियरों ने फेलिक्स बॉमगार्टनर को हीलियम बैलून तक पहुंचाने के लिए एक विशेष दबाव कैप्सूल बनाया है। फेलिक्स बॉमगार्टनर एक विशेष दबाव सूट भी पहनेंगे ताकि उन पर कोई असर ना पड़े। क्योंकि जब वो छलांग लगाएँगे तो संभव है कि ध्वनि की गति से भी तेज़ गति से वो पृथ्वी की ओर आएँ।
इस सूट में विशेष एयर प्रेशर बनाकर रखा जाएगा। ये उसी तरह का सूट होगा जैसा अंतरिक्ष यात्री पहनते हैं लेकिन ये उससे ज़्यादा पुख़्ता होगा। यदि बॉमगार्टनर का सूट ठीक से काम नहीं करता तो उतनी ऊँचाई पर उसका ख़ून उबल सकता है। हालांकि ये कूद फेलिक्स बॉमगार्टनर के स्टंट का एक और कारनामा है लेकिन उनकी टीम का कहना है कि उन्हें तनाव पसंद आता है।
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निर्वात में (जहाँ हवा नहीं है) इस ऊंचाई से कूदने के दौरान 40 सेकंड के भीतर उनकी गिरने की गति 1,110 किलोमीटर प्रतिघंटे की हो जाएगी। 43 साल के फेलिक्स बॉमगार्टनर खतरों के खिलाड़ी हैं और गगनचुंबी इमारतों कूद के लिए प्रसिद्ध है, लेकिन वो इस कूद के खतरों से अंजान नही है।
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वे जिस ऊँचाई से छलांग लगाने की कोशिश करेंगे वहाँ वायु का दबाव समुद्र के स्तर से दो फीसदी कम है और ऐसे में चुनौती साँस लेने की है क्योंकि यहाँ बिना ऑक्सीजन की आपूर्ति के बिना साँस लेना असंभव है। सबसे ऊँची जगह से कूदने के मौजूदा रिकॉर्ड को जिन लोगों ने तोड़ने की कोशिश की है वो अपनी जान गंवा चुके हैं।
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सबसे अधिक ऊंचाई से कूदने का रिकॉर्ड सेवानिवृत्त अमरीकी वायु सेना के कर्नल जो किटिंगर के नाम पर है। अगस्त 1960 में वो गुब्बारे की मदद से 31. 3 किलोमीटर की ऊंचाई से धरती पर कूदे थे। अब किटिंगर बॉमगार्टनर टीम का हिस्सा है और वो रेडियो के जरिए उनसे संपर्क में रहेंगे।
इस ऊँची कूद के खतरों को कम करने कि लिए इंजीनियरों ने हर संभव कोशिश की है। ऑस्ट्रिया के इंजीनियरों ने फेलिक्स बॉमगार्टनर को हीलियम बैलून तक पहुंचाने के लिए एक विशेष दबाव कैप्सूल बनाया है। फेलिक्स बॉमगार्टनर एक विशेष दबाव सूट भी पहनेंगे ताकि उन पर कोई असर ना पड़े। क्योंकि जब वो छलांग लगाएँगे तो संभव है कि ध्वनि की गति से भी तेज़ गति से वो पृथ्वी की ओर आएँ।
इस सूट में विशेष एयर प्रेशर बनाकर रखा जाएगा। ये उसी तरह का सूट होगा जैसा अंतरिक्ष यात्री पहनते हैं लेकिन ये उससे ज़्यादा पुख़्ता होगा। यदि बॉमगार्टनर का सूट ठीक से काम नहीं करता तो उतनी ऊँचाई पर उसका ख़ून उबल सकता है। हालांकि ये कूद फेलिक्स बॉमगार्टनर के स्टंट का एक और कारनामा है लेकिन उनकी टीम का कहना है कि उन्हें तनाव पसंद आता है।