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आयरलैंड: गर्भपात कानून के खिलाफ ऐतिहासिक जनमत संग्रह, पिता बोले- सविता को न्याय मिला
एजेंसी, लंदन
Updated Sun, 27 May 2018 07:14 PM IST
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सविता हल्लपनवार
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आयरलैंड में गर्भपात पर प्रतिबंध के खिलाफ हुए ऐतिहासिक जनमत संग्रह के नतीजों पर 31 वर्षीय भारतीय सविता हल्लपनवार के पिता ने संतोष जताया है। उन्होंने अपनी पहली प्रतिक्रिया में कहा कि सविता को न्याय मिला।
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31 वर्षीय दंत चिकित्सक सविता की 2012 में मौत हो गई थी। आयरलैंड में गर्भपात की इजाजत न होने चलते इमरजेंसी के बावजूद सविता का अबॉर्शन नहीं किया गया और उनकी मौत हो गई। इस घटना के बाद आयरलैंड में गर्भपात पर रोक के कानून के खिलाफ आवाज तेज हो गई। जल्द ही इसने जन आंदोलन का रूप ले लिया।
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सविता के पिता अंदनप्पा यालंगी ने कहा, ‘हम बहुत खुश हैं। सविता को न्याय मिला है। जो सविता के साथ हुआ, अब किसी और परिवार के साथ नहीं होगा। इस ऐतिहासिक लम्हे पर आयरलैंड के लोगों का शुक्रिया करने के लिए मेरे पर शब्द नहीं हैं।’
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वहीं, इस कानून को हटाने के प्रबल समर्थक और भारतीय मूल के प्रधानमंत्री लियो वराड़कर ने जनमत संग्रह के नतीजों को आयरलैंड के लिए ऐतिहासिक बताया। उन्होंने डबलिन कैसल में लोगों को संबोधित करते हुए कहा, ‘यह परिणाम दर्शाता है कि आयरलैंड की जनता महिलाओं को अपने फैसले खुद लेने का विकल्प देने पर भरोसा करती है। उनका सम्मान करती है।’
संविधान में ऐतिहासिक आठवें संशोधन के लिए हुए जनमत संग्रह में 66 फीसदी से ज्यादा लोगों ने इस कानून को हटाने के पक्ष में मत दिया। इससे एक नया कानून बनाने का रास्ता साफ हो गया, जिससे कैथोलिक देश में गर्भपात पर लगी रोक हमेशा के लिए खत्म हो जाएगी।