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सॉना बाथ से कम हो सकता है दिल के रोगों का खतरा, मानसिक बीमारी से भी राहत

भाषा, लंदन  Updated Thu, 02 Aug 2018 06:33 PM IST
Sauna bath will reduce risk of heart disease says a report
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लगातार सॉना बाथ (भाप से स्नान) करने से ना केवल आपके शरीर को आराम मिल सकता है बल्कि इससे दिल की बीमारियां और मानसिक रोग होने का खतरा भी कम हो सकता है।
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मायो क्लिनिक प्रोसीडिंग्स पत्रिका में प्रकाशित एक अध्ययन में पाया गया कि सॉना बाथिंग का संबंध वाहिनियों के रोगों जैसे कि उच्च रक्त चाप और दिल की बीमारियों, न्यूरोकॉग्निटिव बीमारियों, फुफ्फुस संबंधी बीमारियों, मानसिक विकृति और कोमा में जाने जैसी स्थितियों के खतरे को कम करने से है।

साथ ही सॉना बाथ त्वचा के रोगों, गठिया, सिर दर्द और फ्लू जैसे रोगों के खतरे को भी कम करता है। अध्ययन से पता चला कि सॉना बाथ का संबंध स्वस्थ जीवन से है। फिनलैंड में जैवस्कीला विश्वविद्यालय और ब्रिटेन में ब्रिस्टल विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने स्वास्थ्य पर फिनिश सॉना बाथ के प्रभाव पर विस्तृत समीक्षा की।
 
अध्ययन में यह भी पाया गया कि सॉना बाथ लेने से ऐसे फायदेमंद बदलाव आते हैं जो शारीरिक गतिविधि से आए बदलावों के बराबर होते हैं। इसमें कहा गया है कि दिल की बीमारी के मरीज भी सॉना बाथ का इस्तेमाल कर सकते हैं।

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