फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Europe ›   rape big problem in uk

ब्रिटेन में भी बलात्कार बड़ी समस्या

Fri, 18 Jan 2013 08:50 AM IST
बीबीसी हिंदी
बीबीसी हिंदी Updated Fri, 18 Jan 2013 08:50 AM IST
विज्ञापन
rape big problem in uk

पिछले दिनों दिल्ली की दिल दहला देने वाली गैंगरेप की घटना पर केवल भारत ही नहीं दुनिया भर में चर्चा हुई, अखबारों में खबरें छपीं, टीवी पर प्रदर्शनकारियों का गुस्सा दिखा, विदेशी लोगों ने जान-पहचान वाले भारतीयों से पूछना शुरू कर दिया, क्या भारत की हालत इतनी खराब है?

विज्ञापन


इस हंगामे के कुछ ही समय बाद ब्रिटेन में एक सरकारी रिपोर्ट आई, बलात्कार और सेक्स अपराधों के बारे में, और इससे जो तस्वीर बनती है वो बताती है कि महिलाओं की स्थिति यहां भी कोई कम भयावह नहीं। लगभग सभी बड़े अख़बारों ने इस रिपोर्ट को अपने पहले पन्ने पर प्रमुखता से छापा।
विज्ञापन


एक अखबार की सुर्खी थी– "Rape: The figures that shame Britain" (बलात्कारः आंकड़े जो ब्रिटेन को शर्मिंदा करते हैं)

ब्रिटेन में पीड़ितों की मदद के लिए काम करनेवाली एक संस्था विक्टिम सपोर्ट के चीफ़ एक्जेक्यूटिव जावेद खान कहते हैं कि इस रिपोर्ट से पता चलता है कि सेक्स अपराध केवल एशिया या अफ्रीका की समस्या नहीं है, ये सारी दुनिया के लिए एक बड़ी समस्या है।
विज्ञापन
विज्ञापन


अपराध
ब्रिटेन में बलात्कार और अन्य सेक्स अपराधों पर रिपोर्ट तो अक्सर आया करती है पर ये सरकारी रिपोर्ट खास बताई जा रही है। इसमें पहली बार ऐसे अपराधों के अध्ययन के लिए तीन सरकारी महकमों – न्याय मंत्रालय, गृह मंत्रालय और सांख्यिकी विभाग ने साझा अध्ययन किया।

इसमें ब्रिटेन के दो मुख्य प्रांतों इंग्लैंड और वेल्स में तीन साल के अपराधों का औसत निकाला गया। रिपोर्ट बताती है कि इंग्लैंड और वेल्स में हर साल औसतन चार लाख 73 हजार सेक्स अपराध होते हैं। इनमें पुरूषों के साथ होने वाले अपराध भी शामिल हैं मगर बहुतायत महिलाओं के साथ हुए अपराध की है। इनमें हर साल बलात्कार की संख्या 60 हजार से 95 हजार तक होती है।

मगर जहां तक सेक्स अपराधों को दर्ज करने की बात है तो मात्र 54 हज़ार मामले दर्ज हो पाते हैं। जो मामले दर्ज नहीं हुए उनका अनुमान सर्वेक्षण और सांख्यिकीय गणना के आधार पर निकाला गया है। वहीं इसकी तुलना भारत से की जाए तो नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो की 2011 की रिपोर्ट के अनुसार भारत में एक साल में 24,206 बलात्कार के मामले दर्ज हुए।

यानी आंकड़ों को मानें, तो इंग्लैंड-वेल्स में भारत से दोगुना से भी ज्यादा बलात्कार होते हैं, मगर तब है कि भारत में व्यवस्था को लेकर अनेक सवाल उठाए जाते हैं। जावेद खान बताते हैं कि दुर्भाग्य से भारत और ब्रिटेन में काफी समानताएं हैं। ब्रिटेन विकसित देश है, मगर यहां भी पीड़ितों में व्यवस्था और न्याय प्रक्रिया पर इतना भरोसा नहीं है कि वो हर मामले को रिपोर्ट करें।

सजा
जिस तरह से भारत में बलात्कार और दूसरे अपराधों पर अंकुश नहीं लगने के लिए कानूनी व्यवस्था को कटघरे में खड़ा किया जाता है, ठीक उसी तरह का इशारा ब्रिटेन की रिपोर्ट भी करती है। रिपोर्ट कहती है कि जहां हर साल सेक्स अपराध के 4,53,000 मामले होते हैं, वहीं सजा मिलती है, केवल पांच हजार, 620 लोगों को।

वहीं बलात्कार के मामले होते हैं 95 हजार, और सजा होती है केवल एक हजार लोगों को, यानी लगभग एक प्रतिशत। वहीं बलात्कार के मामलों की सुनवाई में यहां औसतन 675 दिन लग जाते हैं, यानी लगभग दो साल। जबकि अन्य अपराधों के मुकदमे 154 दिन में निपट जाते हैं। जावेद खान बताते हैं ब्रिटेन के समाज में भी न्याय प्रक्रिया को और चुस्त किया जाना ज़रूरी है।

मगर वो साथ ही ये भी बताते हैं कि ब्रिटेन का समाज कुछ मामलों में भारत से अलग भी है। वो कहते हैं कि एक बहुत बड़ा अंतर है कि यहां कम-से-कम आंकड़े तो आ रहे हैं, चाहे लंदन हो या कोई गांव सारे अपराधों के बारे में, उनकी जांच के बारे में, फिर सजा होती है कि नहीं इस बारे में जानकारी हो रही है और इसका विश्लेषण होता है जिसके आधार पर सरकार के सामने कोई बात रखी जा सकती है।


जावेद खान बताते हैं कि भारत जैसे देशों में अभी इस दिशा में बहुत काम होना बाकी है, खासकर गांवों में जहां बलात्कार के मामलों को दर्ज़ करने का कोई सिस्टम तैयार नहीं हो सका है।

इंग्लैंड और वेल्स में बलात्कार
-सेक्स अपराध 4,53,000
-बलात्कार 60,000-95,000
-दर्ज मामले 54,000
-सभी मामलों में सज़ा 5,620
-बलात्कार मामले में सज़ा 1,070
-बलात्कार के मुक़दमे 675 दिन
-अन्य मुक़दमे 154 दिन (स्रोतः ब्रिटेन सरकार की रिपोर्ट)

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news, Crime all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed