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भारत के गरीबों के लिए इंग्लैंड के राजकुमार चार्ल्स ने की हाई प्रोफाइल बैठक
एजेंसी/ लंदन
Updated Sat, 17 Dec 2016 02:37 PM IST
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ब्रिटेन के राजकुमार चार्ल्स ने भारत के ग्रामीण आजीविका पर ब्रिटिश एशियन ट्रस्ट चैरिटी द्वारा पेश एक नई रिपोर्ट के परिणामों पर विचार-विमर्श के लिए एक उच्चस्तरीय बैठक की मेजबानी की। चैरिटी द्वारा पेश रिपोर्ट में कहा गया कि भारत की ग्रामीण आजीविका में सुधार और उनके भविष्य के खाद्य सुरक्षा की गारंटी के मामले में सबसे आगे किसानों को रखा जाएगा।
प्रिंस चार्ल्स ब्रिटिश एशियन ट्रस्ट के संस्थापक और अध्यक्ष भी हैं। ट्रस्ट ने अपने हाल के अध्ययन के निष्कर्षों के बाद भारत में छोटे किसानों की समस्याओं का समाधान के लिए एक नए ग्रामीण आजीविका कोष की स्थापना की है। अध्ययन में कहा गया है कि ग्रामीण भारत में तकरीबन 200 मिलियन लोग गरीबी में जीवन यापन करते हैं और उनमें से ज्यादातर छोटे किसान हैं। सच्चाई है कि दुनिया में छोटे किसानों की 118 मिलियन आबादी में से 25 फीसदी भारत में हैं और 50 फीसदी से ज्यादा भारतीय आबादी अपनी आजीविका के लिए कृषि पर निर्भर हैं।
भारत के छोटे किसानों की ज्यादातर संख्या गरीबी में रहती है और उनकी कमाई प्रति दिन 1.25 अमेरिकी डॉलर से भी कम है। भारत में ग्रामीण आजीविका सुधार करने के मामले में ट्रस्ट ने सबसे आगे किसानों को रखने की पहल की है। देश में गरीबी कम करने और भारत की भविष्य खाद्य सुरक्षा गारंटी के प्रयास में भारत के छोटे किसानों को मदद करने का फैसला किया है।
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प्रिंस चार्ल्स ब्रिटिश एशियन ट्रस्ट के संस्थापक और अध्यक्ष भी हैं। ट्रस्ट ने अपने हाल के अध्ययन के निष्कर्षों के बाद भारत में छोटे किसानों की समस्याओं का समाधान के लिए एक नए ग्रामीण आजीविका कोष की स्थापना की है। अध्ययन में कहा गया है कि ग्रामीण भारत में तकरीबन 200 मिलियन लोग गरीबी में जीवन यापन करते हैं और उनमें से ज्यादातर छोटे किसान हैं। सच्चाई है कि दुनिया में छोटे किसानों की 118 मिलियन आबादी में से 25 फीसदी भारत में हैं और 50 फीसदी से ज्यादा भारतीय आबादी अपनी आजीविका के लिए कृषि पर निर्भर हैं।
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भारत के छोटे किसानों की ज्यादातर संख्या गरीबी में रहती है और उनकी कमाई प्रति दिन 1.25 अमेरिकी डॉलर से भी कम है। भारत में ग्रामीण आजीविका सुधार करने के मामले में ट्रस्ट ने सबसे आगे किसानों को रखने की पहल की है। देश में गरीबी कम करने और भारत की भविष्य खाद्य सुरक्षा गारंटी के प्रयास में भारत के छोटे किसानों को मदद करने का फैसला किया है।
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