रूस दौरे पर पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी, पुतिन से की मुलाकात
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को रूस की यात्रा पर पहुंचे हैं। मोदी ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की और अनौपचारिक मुलाकात के दौरान कई अहम मुद्दों पर बातचीत की। पीएम मोदी ने पुतिन को अनौपचारिक बातचीत के लिए सोची बुलाने के लिए धन्यवाद कहा है। उन्होंने कहा कि भारत और रूस की यह दोस्ती बहुत पुरानी है और आज की यह मुलाकात कई लिहाज से खास है, क्योंकि पुतिन ने चौथी बार राष्ट्रपति का कार्यकाल संभालने के बाद पीएम मोदी को रूस की यात्रा पर आने के लिए आमंत्रित किया है।
प्रधानमंत्री मोदी ने मुलाकात के दौरान कहा कि भारत को संघाई कॉरपोरेशन ऑर्गेनाइजेशन की स्थाई सदस्यता दिलाने में रूस ने अहम भूमिका निभाई है। हमलोग साथ मिलकर ब्रिक्स और अंतर्राष्ट्रीय उत्तरी-दक्षिण ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर पर साथ मिलकर काम कर रहे हैं।
इस अनौपचारिक सम्मेलन के दौरान दोनों नेताओं का ध्यान वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर केंद्रित रहने की संभावना है। इसमें ईरान के साथ परमाणु समझौते से हटने के अमेरिका के फैसले के असर पर भी चर्चा होगी। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, दोनों नेताओं को बीच 4-6 घंटे तक होने वाली इस बातचीत का ‘कोई एजेंडा नहीं’ है। द्विपक्षीय संबंधों पर विचार-विमर्श के भी सीमित रहने का संभावना है।
इन मुद्दों पर हो सकती है बात
दोनों नेताओं के बीच ईरान एटमी डील से अमेरिका के पीछे हटने के फैसले का आर्थिक असर, अफगानिस्तान और सीरिया के हालात, आतंकवाद के खतरे और आगामी शंघाई सहयोग संगठन एवं ब्रिक्स सम्मेलन से संबंधित मुद्दों पर बात होगी।
रूस पर अमेरिकी प्रतिबंध से भारत बेअसर
दोनों नेता अमेरिका की ओर से रूस पर लगाए गए काउंटरिंग एडवसरीज थ्रू सेंक्शन एक्ट (काटसा) के भारत-रूस रक्षा संबंधों पर पड़ने वाले संभावित असर पर भी चर्चा करेंगे। सूत्रों के अनुसार, भारत किसी देश को यह इजाजत नहीं देता कि वह रूस के साथ उसके रक्षा संबंधों में कोई आदेश जारी करे। नई दिल्ली की ओर से इस बारे में ट्रंप प्रशासन से भी बात हो रही है।
इससे पहले, पीएम मोदी ने अपनी रूस यात्रा की पूर्व संध्या पर उम्मीद जताई थी कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से उनकी होने वाली बातचीत भारत और रूस की ‘विशेष और गौरवशाली’ सामरिक साझेदारी को मजबूत करेगी। इस दौरान प्रधानमंत्री ने कहा, ‘रूस की मित्रवत जनता का अभिवादन। मैं सोमवार को सोची में राष्ट्रपति पुतिन के साथ होने वाली मुलाकात को लेकर उत्साहित हूं। उनसे मिलकर हमेशा खुशी होती है।
जिनपिंग के बाद पुतिन के साथ बैठक पर दुनिया की निगाहें
अनौपचारिक शिखर बैठक की कूटनीति के जरिए वैश्विक और महत्वपूर्ण द्विपक्षीय मामलों पर नई समझ विकसित करने की पीएम नरेंद्र मोदी की दूसरी कोशिश आज रूस में परवान चढ़ेगी। विदेश मामलों के विशेषज्ञों का मानना है कि यह अनौपचारिक शिखर बैठक वैश्विक कूटनीति में नए समीकरण की संभावना तैयार कर सकता है। खासतौर से यह ईरान पर प्रतिबंध के जरिए भारत को उलझन में डालने वाले अमेरिका केलिए भी इस बैठक में संदेश छिपा है।
दरअसल वर्ष 2014 में सत्ता में आने के बाद नई सरकार ने अमेरिका से दोस्ती तो बढ़ाई, मगर परंपरागत मित्र रूस से भी संबंधों का संतुलन कायम रखा। पूर्व राजदूत जी पार्थसारथी के मुताबिक सीरिया की वर्तमान स्थिति, ईरान-अमेरिका परमाणु समझौता रद्द होने, अफगानिस्तान में शांति बहाली के प्रयास और जल्द होने वाले शंघाई सहयोग संगठन की बैठक से पूर्व मोदी-पुतिन की यह अनौपचारिक मुलाकात बेहद अहम साबित हो सकती है।
जाहिर तौर पर ऐसी बैठकों में सीधे तौर पर वैश्विक और द्विपक्षीय मामलों में दोनों पक्ष खुल कर अपना नजरिया साझा करते हैं। ऐसे में जाहिर तौर पर इस बैठक में आतंकवाद, ईरान, सीरिया, पाकिस्तान से जुड़े मामलों में गंभीर बातचीत होगी।
सरकारी सूत्रों का कहना है कि वैश्विक और द्विपक्षीय मुद्दों के अलावा अनौपचारिक शिखर बैठक में मोदी-पुतिन के बीच आर्थिक क्षेत्र में एक दूसरे के सहयोग से आगे बढने के तरीके पर बातचीत होगी। भारत बांग्लादेश में परमाणु प्लांट बना रहा है। माना जा रहा है कि रूस इसमें अपनी विशेषज्ञता संबंधी सेवा भारत को उपलब्ध कराएगा।
गौरतलब है कि बीते महीने ही पीएम मोदी ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ अनौपचारिक शिखर वार्ता कर दुनिया को चौंकाया था। अब पीएम मोदी पुतिन के साथ सोमवार को ऐसी ही वार्ता करेंगे। दो हफ्ते पूर्व ही राष्ट्रपति बने पुतिन और पीएम मोदी के बीच इस दौरान कई बार फोन पर भी बातचीत हुई है।