फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Europe ›   people protest against islam

जर्मनीः 'इस्लामीकरण' के खिलाफ बवाल

Tue, 06 Jan 2015 11:56 AM IST
Updated Tue, 06 Jan 2015 11:56 AM IST
विज्ञापन
people protest against islam

यूरोप के कथित 'इस्लामीकरण' के खिलाफ इस्लाम विरोधियों और इस्लाम समर्थकों ने जर्मनी में जगह जगह भारी संख्या में प्रदर्शन किया है। पेगिडा यानि "पैट्रियोटिक यूरोपियन्स अगेंस्ट द इस्लामाइजेशन ऑफ द वेस्ट" आंदोलन के तहत अक्तूबर से हर हफ्ते विरोध प्रदर्शन जारी हैं।

विज्ञापन


जर्मनी की चांसलर एंगेला मैर्कल ने नए साल के अवसर पर अपने भाषण में पेगिडा आंदोलनकारियों पर सवाल उठाया और कहा कि इसके नेता 'पूर्वाग्रह, नफ़रत और उदासीनता' के शिकार हैं। जवाब में पेगिडा की समन्वयक कैथ्रीन ओरटेल ने ड्रेसडेन में कहा कि जर्मनी एक बार फिर से 'राजनीतिक दमन' के दौर से गुजर रहा है।

विज्ञापन

समर्थन और विरोध

people protest against islam

सोमवार को पूर्वी जर्मनी के शहर ड्रेसडेन में पेगिडा समर्थकों की एक रैली हुई जिसमें करीब 18 हजार लोगों की भारी भीड़ ने हिस्सा लिया। इस रैली के विरोध में भी कई प्रदर्शन हुए। हज़ारों की तादाद लोगों ने बर्लिन, कोलोंग, ड्रेसडेन और स्टूअट्टगार्ट इलाकों में जुलूस निकाला।

पुलिस का कहना है कि बर्लिन में पेगिडा आंदोलन के विरोध में क़रीब पांच हजार लोग सड़कों पर निकल आए और सैंकड़ों की संख्या में प्रदर्शन कर रहे पेगिडा समर्थकों का रास्ता जाम कर दिया।

समाचार एजेंसी डीपीएस ने बताया कि स्टूअट्गर्ट, मुएन्सटर और हैमबर्ग में करीब 22 हजार पेगिडा विरोधियों ने रैली निकाली। पुलिस ने ये भी बताया कि ड्रेसडेन शहर में केवल एक 'आप्रवासन विरोधी रैली' में 18 हजार लोग शामिल हुए जबकि इसके विरोध में तीन हजार लोगों ने प्रदर्शन किया।

रूढ़िवादी इसाइयों को चेताना है मकसद

people protest against islam

कोलोन शहर में तो अधिकारियों ने पेगिडा समर्थकों के विरोध में गिरजाघर की लाइट तक बंद कर दी। गिरजाघर के डीन नोबर्ट फेलडॉफ ने बताया, "उनका विरोध सही नहीं है। हम रूढ़िवादी इसाइयों को आगाह करना चाहते हैं कि वे क्या कर रहे हैं।"

समाचार एजेंसी डीपीए के मुताबिक कोलोन के सिटी सेंटर की बड़ी इमारतों और पुलों की रोशनी बंद कर दिए जाने के कारण पूरा इलाका अंधेरे में डूब गया।
जर्मनी में किसी भी दूसरे यूरोपीय देश के मुकाबले बड़ी संख्या में लोगों ने शरण ले रखी है। यहां के शरणार्थियों में अधिकांश युद्ध से जूझ रहे सीरिया से आए हुए लोग हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news, Crime all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed