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अफगानिस्तान में छह महीने के भीतर शांति
Updated Tue, 05 Feb 2013 12:30 PM IST
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अफगानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करजई और पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने कहा है कि वह छह महीनों के अंदर अफगानिस्तान के लिए एक शांति समझौता करने की कोशिश करेगे।
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ब्रिटेन में प्रधानमंत्री डेविड कैमरन से बातचीत करने के बाद उन्होंने कहा कि वह इस उद्देश्य की प्राप्ति के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएंगे।
दोहा में दफ्तर
उन्होंने दोहा में अफगान सरकार का दफ़्तर खोले जाने का समर्थन किया और तालिबान से भी कहा कि वह भी यही करे ताकि दोनों पक्षों के बीच बातचीत हो सके। दोनों पक्षों ने सामरिक साझेदारी की तरफ बढ़ने के अपने उद्देश्य को भी दोहराया।
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उन्होंने कहा कि वह आर्थिक और सुरक्षा के मुद्दों पर, जिसमें व्यापार और सीमा प्रबंधन भी शामिल है, इस साल के अंत में समझौते पर हस्ताक्षर करने की उम्मीद रखते हैं।
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यह बातचीत ब्रिटिश प्रधानमंत्री के चीकर्स निवास पर हुई। पिछले वर्ष कैमरन द्वारा त्रिपक्षीय बातचीत शुरू करवाने के बाद यह तीसरा मौका था जब सभी पक्ष बातचीत कर रहे थे।
मुल्ला बरादर
महत्वपूर्ण बात यह थी कि इस बैठक में वरिष्ठ सैनिक और कूटनीतिक अधिकारी भी मौजूद थे। पिछली मुलाकातों में यह लोग अनुपस्थित थे।
अफगानिस्तान की तरफ से हर कोई स्वीकार कर रहा है कि पाकिस्तान ने सकारात्मक कदम उठाए हैं। वरिष्ठ अधिकारी महत्वपूर्ण तालिबान नेताओं के जेल से छोड़े जाने की तरफ इशारा करते हैं।
लेकिन वह चाहते हैं कि पूर्व में तालिबान के नंबर दो नेता रहे मुल्ला बरादर को भी छोड़ा जाए। नाटो के सैनिकों की 2014 के अंत तक अफ़गानिस्तान को छोड़ने की योजना है।