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मलाला को दिया जाए नोबेल पुरस्कार
बीबीसी हिंदी
Updated Sat, 02 Feb 2013 08:10 AM IST
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नॉर्वे की संसद ने तालिबान के हमले का निशाना बनने वाली पाकिस्तान की 15 वर्षीय लड़की मलाला यूसुफजई को 2013 के नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामजद किया है।
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पाकिस्तान की सरकारी समाचार एजेंसी एपीपी के अनुसार नॉर्वे की संसद में सत्ता पक्ष के सांसदों ने मलाला का नाम नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नॉर्वे की नोबेल कमेटी को भेजा है।
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सत्ताधारी लेबर पार्टी की वेबसाइट पर मलाला के बारे में लिखा गया, “वो एक पाकिस्तानी छात्रा और ब्लॉगर रही हैं, जिन्हें पिछले साल अक्तूबर में तालिबान ने सिर में गोली मार दी थी। उस वक्त मलाला बच्चों और खास कर लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए काम कर रही थीं।”
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नॉर्वे की संसद के सदस्यों ने प्रस्ताव रखा है कि मलाला को लड़कियों की शिक्षा के अधिकार के लिए संघर्ष करने पर 2013 का नोबेल शांति पुरस्कार दिया जाए। उनका कहना है कि मलाला का संकल्प तालिबान को इतना खतरनाक लगा कि उन्होंने इस बच्ची को खत्म करने का फैसला ही कर डाला।
अहम कदम
नॉर्वे के सांसदों का कहना है कि मलाला की कहानी ने पूरी दुनिया को प्रभावित किया है। एपीपी के अनुसार चूंकि नोबेल शांति पुरस्कार कमेटी का चुनाव नॉर्वे की संसद करती है, तो इन सांसदों की तरफ से मलाला को इस पुरस्कार के लिए नामजद किया जाना एक अहम कदम है, जिससे कमेटी का फैसला प्रभावित हो सकता है।
इससे पहले दिसंबर 2012 में फ्रांस के 150 सांसदों ने मलाला को 2013 का नोबेल शांति पुरस्कार देने की अपील की थी। पाकिस्तान सरकार भी मलाला को अपना राष्ट्रीय शांति पुरस्कार दे चुकी है।
पिछले साल अक्तूबर में तालिबान के जानलेवा हमले का निशाना बनी मलाला फिलहाल ब्रिटेन में अपना इलाज करा रही हैं। उनके सिर की कई बार सर्जरी हो चुकी है। इस हमले के बाद तालिबान की पूरी दुनिया में निंदा हुई थी।