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यूरोपीय संघ को शांति का नोबेल पुरस्कार

बीबीसी हिंदी Updated Fri, 12 Oct 2012 06:16 PM IST
Nobel Peace Prize awarded to European Union
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हालांकि नोबेल कमेटी के सचिव ने इस फैसले का सही बताया है। उन्होंने तर्क दिया है कि संघ ने फ्रांस और जर्मनी को करीब लाने में काफी अहम भूमिका निभाई है। इसके अलावा दक्षिणी, मध्य और पूर्वी यूरोप में लोकतंत्र को मजबूत करने में भी उसका बड़ा योगदान रहा है।
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इस फैसले को लेकर विवाद होने की पूरी संभावना है क्योंकि यूरोप यूरोजोन के संकट से गुजर रहा है और यूरोप के भविष्य को लेकर गंभीर बहस चल रही है।

कमेटी के सचिव गेर लंडेस्ट ने कहा, “यह यूरोप के लिए संदेश है कि उपलब्धियां हासिल करने और आगे बढ़ने के लिए जो भी जरुरी है, वह करते रहना चाहिए। यह एक रिमाइंडर भी है कि अगर यूरोपीय संघ को टूटने दिया गया तो किस तरह के नुकसान होंगे।”

इससे पहले भी नोबेल पुरस्कार को लेकर विवाद होता रहा है। पिछली बार अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा को चुने जाने को लेकर भी बहस हुई थी। चीन के लोकतंत्र समर्थक कार्यकर्ता लियू श्याआबो को यह सम्मान दिए जाने का असर नॉर्वे के कारोबार पर पड़ा क्योंकि उन्हें चीन का वीजा मिलना लगभग बंद हो गया था।

लंडेस्ट ने दो साल पहले कहा था कि महात्मा गांधी के बाद यूरोपीयन यूनियन ही है जिसकी इस सम्मान के लिए अनदेखी हुई।

इस सम्मान का असर एक बार फिर नॉर्वे पर पड़ सकता है क्योंकि इस समय देश में यूरोपीय संघ के खिलाफ माहौल है। नॉर्वे आज तक 27 देशों के इस समूह में शामिल नहीं हुआ है।

कमेटी ने पिछले कई दशकों में ऐसे कई लोगों को इस सम्मान से नवाजा है जिन्होंने जर्मनी और फ्रांस के बीच स्थिति सामान्य बनाने की हिमायत की है।

72 सालों के दौरान फ्रांस और जर्मनी तीन लड़ाई लड़ चुके हैं। लेकिन अब इन दोनों देशों के बीच युद्ध की बात कोई सोच भी नहीं सकता।

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