नासा को मिली बड़ी सफलता, खोज निकाला 8 ग्रहों वाला नया सोलर सिस्टम
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जानकारी के अनुसार नासा के वैज्ञानिक गूगल के साथ मिलकर एलियन वर्ल्ड की खोज में लगे हुए हैं। एजेंसी के मुताबिक नासा ने केप्लर स्पेस टेलिस्कोप और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए एक सोलर सिस्टम की खोज की है। जिसमें बताया जा रहा है कि सोलर सिस्टम की तरह के आठ ग्रह मौजूद हैं। लेकिन स्पेस एजेंसी से अभी इस बारे में कोई भी जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
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NASA finds another solar system with eight planets, just like ours
— ANI Digital (@ani_digital) December 15, 2017
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हालांकि इस बारे में नासा की तरफ से यह बताया गया कि सोलर सिस्टम में एक तारे के चारों ओर घूमने वाले ज्यादा ग्रह हैं। लेकिन पृथ्वी के अवाला कोई और गृह लोगों के रहने लायक नहीं है। बताया गया है कि 8 ग्रहों वाले इस नए सोलर सिस्टम में केप्लर-90 नाम के तारे के चारो तरफ और ग्रह चक्कर लगा रहे हैं। सोलर सिस्टम दूरी 2,545 प्रकाश वर्ष की बताई गई है। नासा ने बताया कि इस ग्रह का तापमान करीब 800 डिग्री फारेनहाइट (426 डिग्री सेल्सियस) है। Kepler-90i इन ग्रहों में सबसे छोटा ग्रह है।
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टेक्सास यूनिवर्सिटी के खगोलशास्त्री एंड्रयू वंडरबर्ग ने कहा है कि Kepler-90i बिल्कुल हमारे सोलर सिस्टम के मिनी वर्जन जैसा है। इसके साथ ही खोजे गए नए सोलर सिस्टम में Kepler-90i पृथ्वी की तरह एक पथरीला ग्रह है। Kepler-90i पर पृथ्वी की तरह एक वर्ष का समय दो हफ्तों का होगा। क्योंकि ये अपने कक्ष में 14.4 दिन में एक बार चक्कर लगा लेता है। एंड्रयू वंडरबर्ग ने कहा कि केप्लर-90 का धरातल बुध ग्रह की तरह ही बहुत ज्यादा गर्म है।
नासा (NASA) क्या हैः
नासा का पूरा नामनेशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (National Aeronautics and Space Administration) है। इसे हिंदी में राष्ट्रीय वैमानिकी और अंतरिक्ष प्रंबधन (नासा) भी कहते है। यह United States of America सरकार की एक स्वतंत्र एजेंसी है, जो देश के असैनिक अतंरिक्ष कार्यक्रमों एवं वैमानिकी और एरोस्पेस शोध के लिए जिम्मेदार है।
इसका का मुख्यालय वाशिंगटन डी. सी. में है। इसका गठन नैशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस अधिनियम के अंतर्गत किया गया है।