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कुरान याद न करने पर बेटे को मार डाला

Thu, 06 Dec 2012 05:42 PM IST
बीबीसी हिंदी
बीबीसी हिंदी Updated Thu, 06 Dec 2012 05:42 PM IST
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mother killed son on not remembering quran

कुरान की आयतों को याद न कर पाने के कारण एक महिला ने अपने बच्चे को इतना पीटा कि उसकी मौत हो गई। महिला को बच्चे की हत्या करने का दोषी पाया गया है।

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वेल्स के शहर कार्डिफ में सारा एज नामक 33 वर्षीय महिला ने अपने बेटे यासीन एज को साल 2010 में मारने के बाद उसके शरीर को जला दिया था। बच्चे के पिता यूसुफ एज को उसे न बचा पाने के आरोप से बरी कर दिया गया।
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पहले ये समझा गया कि यासीन की मौत घर में ही किसी वजह से हो गई होगी लेकिन जांच के बाद पता चला कि उसकी मौत काफी पहले हो गई थी और बाद में उसे जला दिया गया था।
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बच्चे की मां को पहले इसके लिए दोषी नहीं ठहराया गया था और उसने पूरा आरोप उसके पिता पर मढ़ दिया था।
उसने दलील दी कि उसे डर था कि उसका पति उसे मार डालेगा यदि वो इसकी जिम्मेदारी नहीं लेती।

लेकिन महिला की इस स्वीकारोक्ति से संबंधित वीडियो को अदालत को दिखाया गया और कई हफ्तों तक इसकी जांच की गई। लेकिन आखिरकार महिला ने स्वीकार कर लिया कि उसने बच्चे को किस कदर पीटा और फिर उसकी मौत हो गई।

महिला का कहना था, “पीटने के बाद वो तेज सांसें ले रहा था और धीरे-धीरे पाठ याद कर रहा था। मुझे लगा कि वो थक गया होगा। लेकिन जब दस मिनट के बाद मैं वहां आई तो देखा कि वो फर्श पर कांप रहा है और कुछ ही देर बाद वो मर गया।”

महिला ने बताया कि उसके बाद उसने जल्दबाजी में उसे जला दिया। पुलिस की पूछताछ में भी महिला ने स्वीकार किया था कि उसने अपने बेटे को पीटा था। महिला ने स्वीकार किया कि बेटे की कोई बहुत गलती नहीं थी और उसे अक्सर इस तरह से गुस्सा आ जाता था।


महिला और उसका पति जो कि एक टैक्सी ड्राइवर है, दोनों ने अपने बेटे को एक मस्जिद में प्रवेश दिलाया था और चाहते थे कि उनका बेटा हाफिज बने।

उसने अधिकारियों को बताया, “मुझे बहुत गुस्सा आता था और मैंने यासीन को डंडे से इस तरह पीटा जैसे किसी कुत्ते को पीटा जाता है।” लेकिन बाद में वो अपने बयान से मुकर गई।

अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया कि यासीन के पेट में बहुत चोट आई थी जो उसकी मौत का कारण बनी।
अभियोजक इयान मर्फी का कहना था कि इतनी चोट आने के बावजूद सारा ने बच्चे का इलाज नहीं कराया और उसे आग के हवाले कर दिया।

हालांकि सारा का ये भी कहना था कि उसके पति ने उसे और यासीन दोनों को ही बहुत पीटा था। सारा का कहना था कि वो बेटे को डॉक्टर के पास इसलिए नहीं ले गई क्योंकि उसे डर था कि सामाजिक संगठनों के लोग उसे उसके बच्चे से दूर कर देते।

अदालत ने बच्चे को मारने और फिर उसे जलाने के लिए सारा एज को दोषी करार दिया।

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