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राष्ट्रपतियों की भी हो रही थी जासूसी?
बीबीसी
Updated Tue, 03 Sep 2013 04:16 PM IST
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ब्राजील और मैक्सिको ने नेशनल सिक्योरिटी एजेंसी यानी एनएसए द्वारा उसके राष्ट्रपतियों की जासूसी के दावों पर अमेरिका से स्पष्टीकरण मांगा है।
पत्रकार ग्लेन ग्रीनवाल्ड ने ब्राजीली टीवी ग्लोबो पर कहा, ''ब्राजीली नेता दीलमा रॉसेफ और मैक्सिको के एनरिक पेना निएतो के इंटरनेट डेटा को अमेरिकी एजेंसी द्वारा बीच में रोककर देखा जाता था।''
ग्रीनवाल्ड को इससे संबंधित गुप्त फाइलें अमरीकी ख़ुफिया सूचनाएं लीक करने के आरोपी एडवर्ड स्नोडेन से मिली हैं।
ब्राजील का कहना है कि डेटा रोकना उसकी संप्रभुता से खिलवाड़ है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। मैक्सिको ने भी इस मामले में जांच की मांग की है।
ब्राजीली सीनेटर एडुआर्डो सुप्लिसी ने बीबीसी के न्यूज़ ऑवर प्रोग्राम में कहा, ''इस बात की कतई अनुमति नहीं दी जा सकती कि अमेरिका एजेंसी या अमेरिकी सरकार द्वारा भाड़े पर लिए गए लोग देखें कि कोई ब्राजीली नागरिक क्या कर रहा है।''
अमरीकी राजदूत तलब
न्यूज एजेंसी एएफपी के अनुसार, ब्राजील और मैक्सिको सरकारों ने अपने यहां अमरीकी राजदूतों को तलब किया है। मैक्सिको ने गहन जांच की मांग की है ताकि पता लग सके कि पिछले साल चुनाव से पहले राष्ट्रपति पेना नीएतो के ईमेल की कथित जासूसी के पीछे कौन जिम्मेदार है।
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जुलाई में ब्राजीली समाचार पत्र 'ओ ग्लोबो' ने खबर दी थी कि अमरीका ने इस क्षेत्र की फोन कॉल्स और वेब ट्रैफिक रोक दिया था।
हर संवाद पर थी नजर
ब्रितानी अखबार गॉर्डियन के कॉलमनिस्ट ग्रीनवाल्ड ने ग्लोबो टीवी के न्यूज प्रोग्राम 'फेंटास्टिको' पर रविवार को कहा, ''स्नोडेन द्वारा लीक दस्तावेज़ों से पता चलता है कि किस तरह अमेरिकी एजेंट ब्राजीली राष्ट्रपति के सहायकों के बीच होने वाले संवाद की जासूसी करते थे।''
ब्राजील के न्याय मंत्री जोस एडुआर्डो ने कहा, ''अगर यह सही हुआ, तो न केवल अस्वीकार्य होगा बल्कि इसे देश की संप्रभुता पर हमला भी माना जाएगा।''
एक रिपोर्ट के अनुसार ब्राजीली राष्ट्रपति रॉसेफ जब भी इंटरनेट पर ऑनलाइन होती थीं, तब एनएसए एक प्रोग्राम के जरिए उन पर नजर रखता था।
ब्राजीली राष्ट्रपति कार्यालय का कहना है कि इस बारे में चर्चा के लिए शीर्ष मंत्रियों की मीटिंग बुलाई जा रही है। साओ पाउलो में बीबीसी संवाददाता जूलिया कारनेरियो ने कहा कि ब्राज़ील में शक जताया जा रहा है कि अमेरिका व्यावसायिक हितों के चलते सरकारी संचार तंत्र की जासूसी कर रहा है।
टल सकता है रॉसेफ का दौरा
संवाददाता का कहना है कि ये संवेदनशील खुलासा ऐसे समय हुआ, जबकि रॉसेफ अक्टूबर में पहली आधिकारिक यात्रा पर अमेरिका जाने वाली हैं।
राष्ट्रपति ओबामा द्वारा इस साल किसी विदेशी नेता को प्रस्तावित यह अकेली आधिकारिक यात्रा है। वैसे ब्राजीली अधिकारियों ने ये स्पष्ट नहीं किया है कि क्या इन आरोपों के बाद रॉसेफ वाशिंगटन की यात्रा टाल भी सकती हैं।
पेना पर थी लंबे समय से नजर
रिपोर्ट में ये आरोप भी लगाया गया है कि मैक्सिको के राष्ट्रपति एनरिक पेना निएतो के पिछले साल जुलाई में चुने जाने से पहले से एनएसए उनके संचार पर नजर रख रहा था।
पत्रकार ग्रीनवाल्ड का कहना है कि जून 2012 के दस्तावेज़ बताते हैं कि पेना निएतो के ईमेल पढ़े जाते थे। ग्रीनवाल्ड को ये दस्तावेज पूर्व अमरीकी खुफिया विश्लेषक एडवर्ड स्नोडेन ने उपलब्ध कराए, जिसे ब्रिटेन और अमरीकी मीडिया में अमेरिकी गुप्त जानकारियां लीक कराने के बाद रूस ने अस्थायी तौर पर शरण दे रखी है।
ग्रीनवाल्ड पहले ऐसे पत्रकार थे, जिन्होंने छह जून को स्नोडेन द्वारा लीक दस्तावेजों का खुलासा किया था। तब से वह अमेरिका और ब्रिटेन के अधिकारियों की निगरानी पर खबरों की सीरीज लिख चुके हैं।
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पत्रकार ग्लेन ग्रीनवाल्ड ने ब्राजीली टीवी ग्लोबो पर कहा, ''ब्राजीली नेता दीलमा रॉसेफ और मैक्सिको के एनरिक पेना निएतो के इंटरनेट डेटा को अमेरिकी एजेंसी द्वारा बीच में रोककर देखा जाता था।''
ग्रीनवाल्ड को इससे संबंधित गुप्त फाइलें अमरीकी ख़ुफिया सूचनाएं लीक करने के आरोपी एडवर्ड स्नोडेन से मिली हैं।
ब्राजील का कहना है कि डेटा रोकना उसकी संप्रभुता से खिलवाड़ है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। मैक्सिको ने भी इस मामले में जांच की मांग की है।
ब्राजीली सीनेटर एडुआर्डो सुप्लिसी ने बीबीसी के न्यूज़ ऑवर प्रोग्राम में कहा, ''इस बात की कतई अनुमति नहीं दी जा सकती कि अमेरिका एजेंसी या अमेरिकी सरकार द्वारा भाड़े पर लिए गए लोग देखें कि कोई ब्राजीली नागरिक क्या कर रहा है।''
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अमरीकी राजदूत तलब
न्यूज एजेंसी एएफपी के अनुसार, ब्राजील और मैक्सिको सरकारों ने अपने यहां अमरीकी राजदूतों को तलब किया है। मैक्सिको ने गहन जांच की मांग की है ताकि पता लग सके कि पिछले साल चुनाव से पहले राष्ट्रपति पेना नीएतो के ईमेल की कथित जासूसी के पीछे कौन जिम्मेदार है।
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जुलाई में ब्राजीली समाचार पत्र 'ओ ग्लोबो' ने खबर दी थी कि अमरीका ने इस क्षेत्र की फोन कॉल्स और वेब ट्रैफिक रोक दिया था।
हर संवाद पर थी नजर
ब्रितानी अखबार गॉर्डियन के कॉलमनिस्ट ग्रीनवाल्ड ने ग्लोबो टीवी के न्यूज प्रोग्राम 'फेंटास्टिको' पर रविवार को कहा, ''स्नोडेन द्वारा लीक दस्तावेज़ों से पता चलता है कि किस तरह अमेरिकी एजेंट ब्राजीली राष्ट्रपति के सहायकों के बीच होने वाले संवाद की जासूसी करते थे।''
ब्राजील के न्याय मंत्री जोस एडुआर्डो ने कहा, ''अगर यह सही हुआ, तो न केवल अस्वीकार्य होगा बल्कि इसे देश की संप्रभुता पर हमला भी माना जाएगा।''
एक रिपोर्ट के अनुसार ब्राजीली राष्ट्रपति रॉसेफ जब भी इंटरनेट पर ऑनलाइन होती थीं, तब एनएसए एक प्रोग्राम के जरिए उन पर नजर रखता था।
ब्राजीली राष्ट्रपति कार्यालय का कहना है कि इस बारे में चर्चा के लिए शीर्ष मंत्रियों की मीटिंग बुलाई जा रही है। साओ पाउलो में बीबीसी संवाददाता जूलिया कारनेरियो ने कहा कि ब्राज़ील में शक जताया जा रहा है कि अमेरिका व्यावसायिक हितों के चलते सरकारी संचार तंत्र की जासूसी कर रहा है।
टल सकता है रॉसेफ का दौरा
संवाददाता का कहना है कि ये संवेदनशील खुलासा ऐसे समय हुआ, जबकि रॉसेफ अक्टूबर में पहली आधिकारिक यात्रा पर अमेरिका जाने वाली हैं।
राष्ट्रपति ओबामा द्वारा इस साल किसी विदेशी नेता को प्रस्तावित यह अकेली आधिकारिक यात्रा है। वैसे ब्राजीली अधिकारियों ने ये स्पष्ट नहीं किया है कि क्या इन आरोपों के बाद रॉसेफ वाशिंगटन की यात्रा टाल भी सकती हैं।
पेना पर थी लंबे समय से नजर
रिपोर्ट में ये आरोप भी लगाया गया है कि मैक्सिको के राष्ट्रपति एनरिक पेना निएतो के पिछले साल जुलाई में चुने जाने से पहले से एनएसए उनके संचार पर नजर रख रहा था।
पत्रकार ग्रीनवाल्ड का कहना है कि जून 2012 के दस्तावेज़ बताते हैं कि पेना निएतो के ईमेल पढ़े जाते थे। ग्रीनवाल्ड को ये दस्तावेज पूर्व अमरीकी खुफिया विश्लेषक एडवर्ड स्नोडेन ने उपलब्ध कराए, जिसे ब्रिटेन और अमरीकी मीडिया में अमेरिकी गुप्त जानकारियां लीक कराने के बाद रूस ने अस्थायी तौर पर शरण दे रखी है।
ग्रीनवाल्ड पहले ऐसे पत्रकार थे, जिन्होंने छह जून को स्नोडेन द्वारा लीक दस्तावेजों का खुलासा किया था। तब से वह अमेरिका और ब्रिटेन के अधिकारियों की निगरानी पर खबरों की सीरीज लिख चुके हैं।