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जर्मनी: जलवायु सम्मेलन में कोयला प्रोत्साहन की यूएस नीति से कई देश हैरान
न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस/ बॉन, जर्मनी
Updated Wed, 15 Nov 2017 02:33 AM IST
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डोनाल्ड ट्रंप
- फोटो : FILE PHOTO
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जर्मनी के शहर बॉन में चल रहे संयुक्त राष्ट्र जलवायु सम्मेलन में पूरी दुनिया भले ही जीवाश्म ईंधन के दूर ऊर्जा के नये विकल्प तलाशने के लिए जुटी हो, लेकिन अमेरिका ने इसे बढ़ावा देने व कोयले के उपयोग को जलवायु बचाने का बेहतर उपाय भी बताया है।
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सम्मेलन में आए लोग इसे लेकर हैरान देखे गए। व्हाइट हाउस के विशेष सहायक डेविड बार्क्स ने कार्यक्रम के प्रारंभ में कहा कि जलवायु बचाव के लिए जो पैनल बनाने की बात हो रही है वह विवादास्पद है क्योंकि हमने दुनिया में ऊर्जा की सच्चाई को नजरअंदाज करने का फैसला कर लिया है।
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उन्होंने कहा कि यह सिर्फ बचकानी बात है कि सिर्फ सौर व पवन ऊर्जा के इस्तेमाल से दुनिया में लक्ष्यों को हासिल किया जा सकता है और गरीबों की मदद की जा सकेगी। हालांकि कैलिफोर्निया के गवर्नर जेरी ब्राउन ने अपने ही देश की कोशिश को हास्यास्पद बताया और कहा कि सरकार एक कोयले की कंपनी को लेकर आई है जो यूरोप को पर्यावरण को साफ रखना सिखा सके।
इस दौरान दुनिया की बड़ी ऊर्जा कंपनी पीबॉडी ने ग्रीन कोयले पर चर्चा करते हुए कहा कि यदि चिंता कार्बन उत्सर्जन की है तो उसका हल हमारे पास है। कंपनी के मुताबिक उसके पास ऐसी तकनीकी है जो कोयले व अन्य जीवाश्म ईंधन से होने वाले उत्सर्जन को कम कर सकती है।
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इन कंपनियों ने कहा कि समस्या कोयले का इस्तेमाल नहीं, बल्कि उसके इस्तेमाल के तरीके में है। यदि इसे बदल दें तो जलवायु परिवर्तन से निपट सकते हैं। इससे पहले भी अमेरिका जलवायु परिवर्तन के मुद्दे को फेक या फर्जी बताता रहा है।