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दिमाग बताना भूल जाता है कि सांस लेना है

Tue, 08 Oct 2013 04:27 PM IST
Updated Tue, 08 Oct 2013 04:27 PM IST
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maisie forgets to breathe

ब्रिटेन में रहने वाली करीब तीन साल की मेसी हैरिस चौबीसों घंटे वेंटिलेटर पर रहती हैं। दरअसल दिक्कत ये है कि मेसी का दिमाग उनके फेफड़ों तक सही संदेश नहीं पहुंचा पाता यानी दिमाग मेसी को ये बताना भूल जाता है कि उन्हें सांस लेना है।

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इसे सेंट्रल हाइपोवेंटिलेशन सिन्ड्रोम कहते हैं। इस वजह से मेसी जब तीन महीने की थीं तभी से अस्पताल में हैं। लेकिन अब जिंदगी में पहली बार वो घर जा रही हैं क्योंकि उनका वेंटीलेटर अब पोर्टेबेल हो गया है जिसे कहीं भी ले जाया जा सकता है।
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इस वेंटीलेंटर में बैटरी है और सामान रखने के लिए जगह भी। अब मेसी अपने परिवार के साथ बाहर घूमने जा सकेंगी और बड़ी होने पर स्कूल भी।

नया वेंटीलेटर ये समझ पाता है कि कब मेसी खुद ब खुद सांस ले पा रही हैं और कब उन्हें सांस लेने में मदद की जरूरत हो सकती है। वो 23 अक्तूबर को तीन साल की हो जाएगी।
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अस्पताल से जाने से पहले कर्मचारियों ने मेसी के लिए विशेष पार्टी भी रखी।

उनकी मां रेचल ब्रिडजर कहती हैं, “मैं इंतजार नहीं कर सकती कि कब हम सामान्य परिवार की तरह रहें। ऐसा लग रहा है कि हम जिंदगी भर से अस्पताल में थे। अस्पताल में सब परिवार जैसे हो गए थे। वे लोग मेसी को पूरी तरह जानते हैं।”


'अपने खिलौने से खेलेगी'
मेसी का इलाज करने वाली एक नर्स ने कहा कि वो बहुत भावुक महसूस कर रही हैं लेकिन खुश भी हैं कि मेसी घर जा रही है।

मेसी के बारे में उनकी मां कहती हैं कि वो काफी खुश रहती हैं और बेहद कम नाराज होती हैं।

मेसी के घर आकर माहौल में ढलने पर रेचल कहती हैं, “मुझे नहीं लगता कि उसे ज्यादा वक्त लगेगा कि वो अपने घर आकर खिलौनों से खेले या अपने बिस्तर में सोए।”

सलाहकार कॉलिन वैलिस कहती हैं, “हम कोशिश कर रहे हैं कि लंबे समय से वेंटीलेटर पर रहने वाले बच्चों को घर भेज सकें। बच्चों के विकास के लिए घर सबसे अच्छी जगह होती है। मेसी अब बाहर जा सकेगी, नए दोस्त बना सकेगी।”

डॉक्टर कॉलिन वैलिस ने मेसी की मां का भी इलाज किया था जब वो छोटी थीं। उन्हें भी यही बीमारी थी लेकिन समस्या इतनी गंभीर नहीं थी।


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