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मशीनगन ने जंग की तस्वीर बदली, आविष्कारक हुआ गायब
Updated Sun, 18 Aug 2013 02:13 PM IST
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मशीनगन के अविष्कार का श्रेय सर हीरम मैस्किम को जाता है जिनकी बनाई मैक्सिम मशीनगन ने जंग की तस्वीर बदल दी।
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लेकिन हो सकता था कि मशीनगन के आविष्कारक के रूप में किसी और का नाम इतिहास में लिखा जाता।
साउथहैंपटन की बार्गेट स्ट्रीट के निवासी विलियम कैंटेलो मशीनगन के शुरूआती प्रारूप पर काम कर रहे थे।
साल 1880 में उनके पब के नीचे बने एक कमरे से लगातार गोलियां चलने की आवाज़ें आती रहती थीं। गोलियां दागने की रफ़्तार सामान्य राइफल से कई गुना ज़्यादा थी।
एक इंजीनियर और राइफ़ल निर्माता केंटेलो ने एक दिन अपने बेटों को कहा कि उन्होंने मशीनगन बना ली है। उन्होंने इसे पैक किया और इसे बेचने के लिए निकल गए।
इसके बाद विलियम केंटेलो को किसी ने नहीं देखा।
दोनों हूबहू
विलियम केंटेलो के बेटे भी इंजीनियर थे। वह कहते हैं कि केंटेलो का नया अविष्कार एक मशीनगन थी जो बारूद के प्रतिघात से पैदा ताकत को नई गोली लोड करने के लिए इस्तेमाल करती थी।
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यह लगातार तब तक दागती रहती थी जब तक कि गोलियां ख़त्म न हो जाएं।
लेकिन मशीनगन को इज़ाद करने का श्रेय विलियम केंटेलो को नहीं मिला।
यह श्रेय मैक्सिम को गया। लेकिन साउथ हैंपटन में उनकी शानदार कब्र के ऊपर उनके खून बहाने वाले क्रांतिकारी अविष्कार के बारे में कुछ नहीं लिखा गया।
कब्र पर बड़े शब्दों में सिर्फ़ उनका नाम लिखा था - सर हीरम मैक्सिम।
कब्र पर मशीनगन का ज़िक्र नहीं था लेकिन मशीनगन के साथ मैक्सिम का नाम जुड़ा था- उसे मैक्सिम गन कहा जाता था।
विक्टोरियन युग के उत्तरार्ध और एडवर्डियन युग के समय उद्योग में बनने वाली यह मशीनगन लोगों का क्लिक करें पसंदीदा हथियार थी।
लेकिन कैंटेलो का क्या हुआ?
कैंटेलो की कहानी पहली बार 1930 में सामने आई जब एक स्थानीय अख़बार ने एक लेख में कैंटलो और मैक्सिम की तस्वीरें छापीं।
दोनों आश्चर्यजनक रूप से एक जैसे लगते थे।
विलियम कैंटेलो के बेटों ने हीरम मैक्सिम की तस्वीर अख़बार में देखी तो वह अचंभित रह गए।
उनके बेटों ने बताया कि वह तस्वीर उनके पिता की ही थी।
उन्होंने वाटरलू स्टेशन पर मैक्सिम को ढूंढ भी निकाला और पिता कहकर पुकारा भी। लेकिन इससे पहले कि वह उन तक पहुंच पाते मैक्सिम ट्रेन में सवार हो गए थे।
मुलाकात?
विलियम कैंटेलो जैसे धरती से गायब हो गए थे। उनके परिवार ने उन्हें ढूंढने के लिए एक निजी जासूस की मदद ली।
माना जाता है कि उसने अमेरिका तक कैंटेलो के सुराग ढूंढे भी। लेकिन उसके बाद कोई निशान नहीं मिला।
उनके बैंक खाते से बड़ी मात्रा में पैसा निकाला भी गया था।
लेकिन जब तक इस बारे में पता किया जाता वह बैंक ही अस्तित्व में नहीं रहा और न ही इस बात का कोई रिकॉर्ड मिला कि पैसा कहां से निकाला गया था या कहां भेजा गया था।
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मुश्किल यह भी थी कि कैंटेलो और मैक्सिम दोनों की ही विक्टोरियन दाढ़ियां थीं। उस वक्त 30 साल से ऊपर के सभी आदमी उस वक्त ऐसी ही दाढ़ी रखते थे।
यह भी हो सकता है कि जिस तस्वीर पर कैंटेलो का कैप्शन लगाया गया था दरअसल वह मैक्सिम की ही हो।
एक रोचक तथ्य यह भी है कि मैक्सिम अमेरिका से ब्रिटेन आए थे और कैंटेलो ब्रिटेन से अमेरिका गए थे।
थॉमस एडिसन के साथ बिजली के बल्ब के अविष्कार पर विवाद के चलते अमेरिका में मैक्सिम के कई दुश्मन हो गए थे और वह वहां से ब्रिटेन आ गए थे।
हम फिर कैंटेलो के सवाल पर आते हैं। यह हो सकता है कि कैंटेलो एक मशीनगन पर काम कर रहे हों जिसकी गोलियों की आवाज़ें बार्गेट स्ट्रीट पर उनके पब के नीचे से आती थीं।
हालांकि उस समय इस्तेमाल होने वाला बारूद इतना धुआं करता था कि उसके चलते परीक्षण कक्ष में कुछ दिखना संभव नहीं था।
वैसे सोचने वाली बात तो यह है कि क्या कैंटेलो और मैक्सिम कभी मिले भी थे?
कुछ सबूत इस बात की ओर इशारा करते हैं कि वह मिले थे।
साउथहैंपटन के एक नौसेना इंजीनियर की बेटी कहती हैं कि मैक्सिम उनके पिता के अविष्कार प्रोपेलर को देखने आए थे। लेकिन उन्होंने मना कर दिया क्योंकि मैक्सिम की "छवि एक दिमाग चूसने वाले की थी।"
बहरहाल एक आविष्कारक अक्सर दूसरे सफल आविष्कारक के बारे में ऐसी बातें करता है।
मुद्दे की बात यह है कि मैक्सिम साउथहैंपटन गए थे और वहां स्थानीय इंजीनियरों से मिल रहे थे।
लेकिन आखिर विलियम कैंटेलो का क्या हुआ? वह अपनी बनाई मशीनगन को बेचने में बुरी तरह असफल रहे थे? क्या उन्हें अहसास हो गया था कि मैक्सिम उन्हें पछाड़ देंगे?
या यह विक्टोरियन काल का एक सनसनीखेज नाटक था जो अंदर ही अंदर चल रहा था?
बहरहाल यह एक ऐसा मामला है जिसकी जांच शरलक होम्स को करनी चाहिए।
स्टीव पुंट/लेखक, अभिनेता, हास्य कलाकार