{"_id":"13c1f0da-ae77-11e2-93d9-d4ae52bc57c2","slug":"kate-middleton-and-dispute","type":"story","status":"publish","title_hn":"केट की टॉपलेस तस्वीरें खींचने पर जाँच","category":{"title":"Europe","title_hn":"यूरोप","slug":"europe"}}
केट की टॉपलेस तस्वीरें खींचने पर जाँच
Updated Fri, 26 Apr 2013 07:12 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
धूप स्नान का आनंद लेती डचेज़ ऑफ़ कैम्ब्रिज केट मिडलटन की टॉपलेस तस्वीरों को छापने के मामले में फ्रांस की क्लोज़र पत्रिका के प्रकाशन प्रमुख और एक महिला फोटोग्राफर के ख़िलाफ़ औपचारिक जांच की जा रही है।
विज्ञापन
ये तस्वीरें उस समय खींची गई थीं जब केट मिडलटन और प्रिंस विलियम छुट्टियां बिताने फ्रांस गए थे। इन्हें सितंबर में क्लोज़र ने प्रकाशित किया था।
स्थानीय समाचारपत्र 'ला प्रूवेंस' ने स्विमवियर में खींची गई डचेज़ की तस्वीरों को छापा था।
क्लोज़र का प्रकाशन करने वाले ग्रुप मोंदादोरी के प्रमुख अर्नेस्टो मौरी और ला प्रूवेंस की वेलेरी सुआऊ के ख़िलाफ़ निजता के उल्लंघन की जांच की जा रही है।
स्वीकारोक्ति
सुआऊ ने स्विमवियर में केट मिडलटन की तस्वीरें खींचने की बात स्वीकार की है लेकिन इस बात से इनकार किया है कि उन्होंने शाही परिवार की बहू की टॉपलेस तस्वीरें खींची थी।
विज्ञापन
फ्रांस में इन तस्वीरों के प्रकाशन के बाद शाही जोड़े ने फ्रांस में कानूनी कार्रवाई शुरू की थी।
कुछ ही दिन बाद पेरिस की एक अदालत ने तस्वीरों के दोबारा प्रकाशन पर रोक लगा दी थी और 'गॉसिप' पत्रिका क्लोज़र को 24 घंटे के भीतर असली तस्वीरों को लौटाने का आदेश दिया था। अदालत ने कहा था कि ऐसा नहीं करने पर उसे प्रतिदिन 10,000 यूरो का जुर्माना देना होगा।
विज्ञापन
अदालत ने अपने फ़ैसले में इन तस्वीरों को निजता में खलल बताया था।
यूरोप की कई पत्रिकाओं ने इन तस्वीरों को प्रकाशित किया था क्योंकि फ्रांस की अदालत का फ़ैसला उन पर लागू नहीं होता था। हालांकि ब्रिटेन के किसी भी अख़बार ने इस तस्वीरों का प्रकाशन नहीं किया।
शिकायत
प्रिंस विलियम और केट मिडलटन ने निजता से जुड़े फ्रांस के बेहद कड़े क़ानूनों के तहत एक आपराधिक शिकायत भी दर्ज कराई है।
बीबीसी संवाददाता क्रिश्चियन फ्रेजर ने कहा कि अक्तूबर में जब क़ानूनी कार्यवाही शुरू की गई थी तो आपराधिक शिकायत में कोई नाम नहीं था।
क्लोज़र पत्रिका ने टॉपलेस तस्वीरें उतारने वाले फोटोग्राफर का नाम उजागर नहीं किया था। फ्रांसीसी क़ानूनों में मीडिया स्रोत का संरक्षण सर्वोपरि माना जाता है।
लेकिन बीबीसी संवाददाता के मुताबिक ड्यूक और डचेज़ ने लगातार दबाव जारी रखा।
आखिर छह महीने बाद उनकी मेहनत रंग लाई और फ्रांसीसी अभियोजनकर्ताओं ने औपचारिक रूप से अपनी जांच शुरू कर दी।
संवाददाता ने कहा कि अपने पहले बच्चे के जन्म की तैयारियों में जुटा शाही जोड़ा अपनी निजता के साथ किसी तरह के समझौता करने को तैयार नहीं है।
इटली के पूर्व प्रधानमंत्री सिल्वियो बर्लुस्कोनी के मालिकाना हक़ वाले प्रकाशन मोंदादोरी के प्रमुख मौरी पर आरोप है कि उन्होंने 14 सितंबर को टॉपलेस तस्वीरें छापने की अनुमति दी थी।
एकजुटता
ला प्रूवेंस ने भी छुट्टियां मना रहे शाही जोड़े की कुछ तस्वीरें प्रकाशित की थीं।
ये बात स्पष्ट नहीं है कि उनके ख़िलाफ़ कब औपचारिक जांच शुरू हुई लेकिन समाचार एजेंसी एएफपी के मुताबिक ये जांच इस महीने की शुरूआत में प्रारंभ हुई थी।
क्लोज़र पत्रिका का दावा है कि ये तस्वीरें एक आम सड़क से खींची गईं थीं और ये अपमानजनक नहीं थीं।
ये तस्वीरें उस समय ली गई थीं जब शाही जोड़ा दक्षिणी फ्रांस में महारानी के भतीजे विस्काउंट लिनली के महल में छुट्टियां बिता रहे थे।
ला प्रूवेंस ने सुआऊ के साथ एकजुटता दिखाते हुए कहा है वो पूरी तरह से उनके साथ है।