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भारत के लिए चार चरण में बनेंगे कामोव हेलीकाप्टर
टीम डिजिटल/अमर उजाला
Updated Sat, 02 Dec 2017 08:58 PM IST
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भारत के लिए 200 हल्के वजन वाले सैन्य कामोव हेलीकाप्टर का निर्माण चार चरण में किया जाएगा। रूस-भारत के संयुक्त उद्यम के तहत मुख्य उपकरणों की तकनीक भी भारत को दी जाएगी। परियोजना से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह दावा किया है।
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इस परियोजना के तहत 200 कामोव 2268 हेलीकाप्टर भारत को दिए जाने हैं। इनमें से 60 हेलीकाप्टर रूस से भारत भेजे जाएंगे। 140 हेलीकाप्टर का निर्माण भारत में होगा। 2015 में दोनों देशों के बीच एक अरब डॉलर का यह समझौता हुआ था।
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कामोव प्रोजेक्ट के निदेशक दिमित्री शेवेट्स के मुताबिक यह परियोजना एक अंतर सरकारी समझौते के आधार पर लागू होगी। इसमें तकनीक का पूरी तरह हस्तांतरण होगा। कोशिश की जाएगी ज्यादातर चीजें ग्राहक देश भारत में स्थानीय स्तर पर ही हों।
हेलीकाप्टर और उसके मुख्य उपकरणों के उत्पादन से लेकर तकनीक के हस्तांतरण का पूरा काम चार चरणों में होगा। पहले चरण में रूस से आने वाले हेलीकाप्टर की आपूर्ति होगी। दूसरे में संयुक्त उपक्रम के उपकरणों की आपूर्ति, स्थानीय स्तर पर तैयारी, तकनीक हस्तांतरण और तकनीकी सहायता होगी। तीसरे चरण में आपूर्ति किए गए सामान से उपकरणों का उत्पादन और असेंबलिंग होगी।
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चौथे चरण में स्थानीय स्तर या रूस से आए उपकरण से हेलीकाप्टर की असेंबलिंग, संयुक्त परीक्षण और मरम्मत का बुनियादी ढांचा तैयार करना शामिल होगा। समझौते के तरह कम से कम 40 फीसदी उपकरणों का निर्माण स्थानीय स्तर पर होगा।
पिछले साल अक्तूबर में भारत और रूस ने हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड एचएएल और दो रूसी कंपनियों के साथ एक व्यापक समझौते को अंतिम रूप दिया था। भारत पुराने हो चुके चीता और चेतक हेलीकॉप्टरों को बदलने के लिए कामोव खरीद रहा है।