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मौसम की मार : जलवायु परिवर्तन के चलते इटली के किसानों का रुख भारतीय खेती की तरफ

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Updated Fri, 10 Aug 2018 04:50 AM IST
इटली के किसान कर रहे भारतीय फलों की खेती। (प्रतिकात्मक चित्र)
इटली के किसान कर रहे भारतीय फलों की खेती। (प्रतिकात्मक चित्र)
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जलवायु परिवर्तन का असर अब यूरोपीय खेती के रूप में साफ तौर पर देखा जा सकता है। यहां इन दिनों भारत जैसी गर्मी पड़ रही है। हालात ऐसे हैं कि किसानों ने पारंपरिक खेती से किनारा करते हुए आम, नींबू और तरबूज उगाना शुरू कर दिया है। ऐसा इसलिए क्योंकि पारंपरिक खेती के लायक पर्याप्त सर्दी न पड़ने के कारण किसानों को लागत तक वसूल नहीं हो पा रही है।
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इटली के सिसली राज्य के बागानों में अब पपीता भी दिखाई देने लगा है। इटली के किसानों को इस फल के बारे में अब तक कोई जानकारी तक नहीं थी लेकिन बढ़ती गर्मी के चलते किसानों ने जब पाया कि यहां का तापमान भारत के तापमान से मेल खाने लगा है तो उन्होंने इंटरनेट का सहारा लिया और भारत के फलों को उगाने की कोशिश शुरू की। परिणाम यह हुआ कि अब यहां नींबू, केला, संतरे जैसे दूसरे भारतीय फल भी उगाए जाने लगे हैं। इटली के लोगों को अब तक ब्राजील से आने वाला आम पसंद नहीं था लेकिन अब उन्हें वह भी पसंद आने लगा है।

इटली के कई किसान अब मौसम में हो रहे बदलाव के कारण उष्णकटिबंधीय फलों की खेती की तरफ मुड़ गए हैं। किसानों का मानना है कि बढ़ता तापमान फलों की खेती के लिए सही है। गर्मी के कारण इटली के आम नागरिकों में भी ताजे व रसीले फलों को खाने की मांग बढ़ी है। इनमें विटामिन और कैल्शियम की भरपूर मात्रा होने के कारण इनका बाजार तेजी से बढ़ रहा है।

केला दे रहा है भरपूर मुनाफा
पिछली सात पीढ़ियों से इटली में खेती कर रहे लेटित्सिया मारकेनो के परिवार ने आठ साल पहले सिसली राज्य के एक गांव में केले के पेड़ लगाए। वह बताते हैं, सात हेक्टेयर के खेत में कुल 1200 केले के पेड़ लगे हैं, जो अब हमें पारंपरिक इतावली फल-सब्जियों से अधिक मुनाफा दे रहे हैं। मौसम विज्ञानी फ्रांचेस्को वायोला ने बताया कि सिसली का औसत तापमान 1.5 डिग्री सेंटीग्रेड बढ़ गया है, इसलिए किसानों के लिए भारत की खेती एक बढ़िया विकल्प है।


नए ट्रेंड में कई चुनौतियां भी हैं
भारत का अनुकरण करने वाले इस नए ट्रेंड में कई चुनौतियां भी हैं। मसलन, उष्णकटिबंधीय फलों को लगाने के बाद सिंचाई के लिए पानी की अधिक जरूरत पड़ती है। जबकि सिसली में तापमान बढ़ने और बारिश कम होने से पानी की कमी हो गई है। ऐसे में किसान इसका समाधान ढूंढने में जुटे हैं। किसान सूखे से निपटने वाली फल और सब्जियों को उगाने पर जोर दे रहे हैं। इसके लिए इटली के किसान भारत में टमाटर, तरबूज, बैंगन के कम पानी वाले पौधों की खेती को महत्व देने का विकल्प खोज रहे हैं।

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