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IS आतंकियों के हाथ लगे रसायनिक हथियार, निशाने पर यूरोप
एजेंसी/ लंदन
Updated Fri, 25 Nov 2016 04:51 AM IST
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रसायनिक हथियार
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इराक और सीरिया से जान बचाकर भाग रहे इस्लामिक स्टेट (आईएस) के आतंकी यूरोप में तबाही मचा सकते हैं। खूंखार आतंकी संगठन यूरोप पर विनाशकारी रसायनिक हमले शुरू कर सकता है। वैश्विक रसायनिक हथियारों पर निगाह रखने वाली संयुक्त राष्ट्र की संस्था की जांच रिपोर्ट में इस खतरे को लेकर चेताया गया है। पेरिस में एक रक्षा सम्मेलन में ऑर्गेनाइजेशन फॉर द प्रोहिबिशन ऑफ केमिकल वैपन्स (ओपीसीडब्ल्यू) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने चेताया कि इराक और सीरिया से भाग रहे आईएस आतंकी रसायनिक हथियारों का इस्तेमाल कर सकते हैं।
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ओपीसीडब्ल्यू के वेरिफिकेशन डिविजन के डायरेक्टर फिलिप डेनियर ने कहा, ‘यह एक बड़ा खतरा है, जिसका हमें सामना करने की जरूरत है। आईएस जहरीली मस्टर्ड गैस (रसायनिक हथियार) का इस्तेमाल जानता है। ऐसे में वह हमारे देशों में रसायनिक हमले को अंजाम दे सकता है।’ रसायनिक हमला इतना घातक होता है कि इससे लोगों की जान चली जाती है। अगर वह इसमें बच गया, तो घुट-घुटकर जान गंवाना पड़ता है। यह जहरीली गैस सीधे तौर पर त्वचा और आंखों पर असर डालता है। इस संबंध में ओपीसीडब्ल्यू की ओर से पिछले महीने जांच की गई थी, जिसमें पाया गया कि आईएस ने रसायनिक हथियारों से नागरिकों पर हमले किए।
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आईएस ने सितंबर में उत्तरी इराक में अमेरिकी सुरक्षा बलों पर रसायनिक हथियारों से हमले किए गए। ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के प्रमुख मरीन जनरल जोसेफ डनफोल्ड ने अमेरिकी सीनेट की आर्म्ड सर्विसेज कमेटी को बताया था कि आईएस की रसायनिक हमले की मौजूदा क्षमता शुरुआती दौर में है। यह हमला उसकी रसायनिक हमले की बढ़ती क्षमता का सबूत है। पिछले महीने यूरोपीय संघ के सुरक्षा आयुक्त जुलिअन किंग ने भी चेताया था कि आईएस को उसके गढ़ से हटाने के लिए सैन्य अभियान चलाने से आतंकी संगठन यूरोपीय देशों को निशाना बना सकता है। इसके चलते यूरोपीय देशों में आतंकी हमले का खतरा बढ़ गया है।
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