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आपके बच्चे को विकृत कर सकता है इंटरनेट पॉर्न
Updated Sat, 25 May 2013 08:07 AM IST
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क्या आपको पता है कि आपके घर के छोटे बच्चे इंटरनेट पर क्या देख रहे हैं? आपके बच्चों के सामने चाहे-अनचाहे रूप में आने वाला पॉर्न उन्हें मानसिक रूप से बीमार बना सकता है।
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इंग्लैंड के बाल आयुक्त ने शुक्रवार को पॉर्न से पटे पड़े इंटरनेट के बच्चों पर प्रभाव के ऊपर एक रिपोर्ट जारी की है।
इस रिपोर्ट कहा गया है कि "एक बड़ी तादाद में बच्चे" इंटरनेट पर पॉर्न व अन्य अश्लील सामग्री से रु-ब-रु हो रहे हैं।
कई ज़रिए
इंटरनेट पर अन्य चीज़ों को तलाशते वक़्त पॉर्न बच्चों के सामने आ जाता है या इसे कोई उनका दोस्त उनके सामने ला देता है।
11 साल के एक बच्चे ने बीबीसी को बताया कि कुछ हफ़्ते पहले उसने एक स्मार्टफ़ोन पर एक बेहद अश्लील वीडियो देखा था। वो आज किसी भी तरह उस "बेहद बुरे" वीडियो की याद को अपने दिमाग से मिटा देना चाहता है।
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एक अन्य 24 साल के युवक ने बताया कि अपनी किशोरावस्था के दौरान स्कूल से लौटने के बाद वो दिन में आठ घंटे तक इंटरनेट पर पॉर्न देखते थे।
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इस रिपोर्ट को यूनिवर्सिटी ऑफ़ मिडलसेक्स ने कुछ अन्य ब्रितानी विश्वविद्यालयों के साथ मिल कर तैयार किया है।
इस रिपोर्ट में कहा गया है कि "आज जब अत्यधिक हिंसक और दूसरे को कष्ट देने वाले दृश्य महज़ दो क्लिक दूर है, स्कूली शिक्षा बहुत बड़ी चुनौती का सामना कर रही है।"
इस रिपोर्ट में कहा गया है कि बच्चों को आपसी संबंधों और यौन शिक्षा को स्कूली शिक्षा का अनिवार्य हिस्सा बनाना होगा।
व्यापक प्रभाव
इस रिपोर्ट में कहा गया है कि बहुत बच्चे "प्राइमरी स्कूलों" में ही पॉर्न के सामने पड़ जाते हैं। बच्चों की यह तादाद उम्र और समय के साथ बढ़ती चली जाती है।
इस रिपोर्ट के अनुसार बचपन से पॉर्न देखने वाले बच्चों और किशोरों के बर्ताव और चरित्र में फ़र्क पड़ जाता है।
शोधकर्ताओं ने पाया है कि ऐसे बच्चे ज़्यादा आसानी से यौन संबंध कायम करने लगते हैं और कम उम्र में यौन संबंध बनाने लगते हैं। ऐसे बच्चे यह भी मानते हैं कि महिलाएं सेक्स की वस्तु हैं।
इस रिपोर्ट में पॉर्न और बच्चों के "खतरनाक बर्ताव" के बीच सीधा संबंध पाया गया है। ऐसे बच्चे अप्राकृतिक यौन संबंधों और कई लोगों के साथ संबंधों में लिप्त होते हैं। इस तरह के बच्चों बीच सेक्स के साथ ड्रग्स लेने की लत भी पाई गई है।
लड़के लड़कियों में फ़र्क
शोधकर्ताओं के अनुसार उन बच्चों में फ़र्क होता है जो खुद ऑनलाइन सेक्स खोजते हैं और जो गलती से इसके सामने पड़ जाते हैं।
इस रिपोर्ट में कहा गया है, "युवा पुरुष और लड़के सेक्स को लेकर ज़्यादा खुले होते हैं और वो इसे कौतूहल के कारण देखते हैं। युवा लड़कियां और बच्चियां इसे नापसंद करती हैं।"
यह शोध इंग्लैंड के बच्चों के साथ बातचीत के अलावा 276 पुराने शोध पत्रों पर आधारित है।
इस रिपोर्ट में स्कूल शिक्षा विभाग से कहा गया है कि वो स्कूल कॉलेजों में यौन शिक्षा और मानवीय संबंधों को पाठ्यक्रम में विस्तृत तौर पर शामिल करे।
इंग्लैंड की उप बाल आयुक्त सू बेरेलोवित्ज़ का कहना है कि सरकार इस दिशा में न केवल पाठ्यक्रमों में ज़रूरी बदलावों के लिए कदम उठा रही है बल्कि वो इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडरों के साथ मिलकर भी ऐसी कोशिशें कर रही है जिससे माँ बाप अपने बच्चों को पॉर्न से बचा सकें।