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भारतीय थे ब्रिटन के राजकुमार विलियम के पूर्वज

Fri, 14 Jun 2013 08:11 PM IST
बीबीसी
बीबीसी Updated Fri, 14 Jun 2013 08:11 PM IST
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indian dna of british prince

हाल में हुए एक डीएनए विश्लेषण से यह प्रमाणित हुआ है कि ब्रिटेन के राजकुमार विलियम के पूर्वज भारतीय थे।

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ड्यूक ऑफ कैम्ब्रिज विलियम के रिश्तेदारों के लार के नमूने के डीएनए परीक्षण से पता चला है कि तीस वर्षीय विलियम और उनकी माँ राजकुमारी डायना की तरफ की पुरानी पीढ़ी में काम करने वाली घरेलू नौकरानी के बीच सीधा रक्त संबंध है।

यह उनका एकमात्र गैर-यूरोपीय डीएनए है। इसका अर्थ है कि प्रिंस विलियम का भारत से सीधा आनुवांशिक संबंध है।

प्रिंस विलियम अगले महीने अपने बच्चे के जन्म के तत्काल बाद भारत आ सकते हैं।

शोधकर्ताओं ने विलियम की नानी की परनानी (छह पीढ़ियों पहले) से चली आ रही वंशावली को जान लिया है।

prince william
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प्रिंस विलियम के परदादा के दादा थियोडोर फोर्ब्स (1788-1820) स्कॉटिश व्यावसायी थे और भारत के तटीय कस्बे सूरत़, गुजरात में रह कर ईस्ट इंडिया कम्पनी के लिए काम करते थे। एलिज़ा केवार्क उनकी घरेलू सहायिका के रूप में काम करती थीं।
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विलक्षण माइटोकांड्रियल डीएनए
एलिज़ा केवार्क का माइटोकांड्रियल डीएनए (एमटी-डीएनए) उनकी बेटियों की नातिनों से होते हुए सीधे राजकुमारी डायना तक पहुँचा और फिर राजकुमारी डायना से उनके बेटों विलियम और हैरी तक।

माना जा रहा है कि एलिज़ा आर्मिनियाई थीं क्योंकि उनका कुल नाम आर्मिनियाई नाम केवार्क से मिलता है। एलिज़ा द्वारा फोर्ब्स को लिखे गए ख़त में भी आर्मिनियाई लिपि मिली है।

इससे उसके आर्मिनियाई सांस्कृतिक पृष्ठभूमि के होने का अनुमान जताया जा रहा है। संभव है कि एलिज़ा के पिता आर्मिनियाई मूल के रहे हों।

डीएनए जाँच करने वाली कंपनी ब्रिटेन्स-डीएनए ने एक विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा है, “हमारे द्वारा एकत्रित किए गए तमाम तथ्य इस बात की तरफ इशारा करते हैं कि वह अपनी माँ की तरफ से भारतीय मूल की थी”

इस विज्ञप्ति में यह भी बताया गया है कि “प्रिंस विलियम और हैरी में मौजूद एलिज़ा केवार्क की पहचान वाला एमटी-डीएनए उनके बच्चों में नहीं जाएगा। क्योंकि एमटी-डीएनए बच्चों में केवल माँ से आ सकता है। ”


ब्रिटेन्स-डीएनए और एडिनबरा विश्वविद्यालय से जुड़े एवं इस परीक्षण को करने वाले आनुवांशिकी विशेषज्ञ जिम विल्सन ने कहा कि “एलिज़ा के वंशजों में एक विलक्षण डीएनए था। माइटोकांड्रियल डीएनए (एमटी-डीएनए) नामक यह डीएनए केवल माँ से होकर हस्तांतिरत होता है।”

अभी तक यह डीएनए मात्र चौदह लोगों में पाया गया है। इनमें तेरह भारतीय और एक नेपाली है।

इस रहस्योद्घाटन से यह भी पता चला है कि एलिज़ा के स्काटिश पति ने उन्हें क्यों छोड़ा था और अपनी बेटी कैथरीन को छह साल की उम्र में क्यों ब्रिटेन भेज दिया था।

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