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गूगल को 35 दिन की मोहलत, वर्ना होगी कानूनी कार्रवाई
बीबीसी
Updated Sat, 22 Jun 2013 04:56 PM IST
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गलती से इकट्ठी की गई तस्वीरों को नष्ट करने के लिए गूगल को 35 दिनों की मोहलत दी गई है। ऐसा न करने पर गूगल पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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इंग्लैंड के इनफॉर्मेशन कमिश्नर ऑफिस (आईसीओ) ने गूगल को उसकी स्ट्रीट-व्यू सेवा के तहत गलती से इकट्ठी की गई तस्वीरों को नष्ट करने के लिए 35 दिनों की मोहलत दी है। ऐसा न करने पर गूगल पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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शुक्रवार को जारी किए गए एक बयान में गूगल ने कहा, ''हम गूगल पर निजता को बनाए रखने के लिए कड़ी मेहनत करते हैं।''
यह मामला पहली बार 2010 में उस वक्त सामने आया था जब गूगल के एक इंजीनियर के एक ऐसे सॉफ्टवेयर कोड लिखने की सूचना सामने आई, जिसकी मदद से असुरक्षित वाई-फाई नेटवर्कों से सूचना ली जाती थी।
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अमरीकी फेडेरल कम्यूनिकेशन कमीशन ने पिछले साल गूगल पर इसके लिए 25,000 डॉलर का जुर्माना लगाया था।
गूगल के वाहनों ने इसके अति-लोकप्रिय स्ट्रीट-व्यू सेवा के लिए तस्वीरें लेते समय असुरक्षित वाई-फाई नेटवर्कों से सूचनाएं एकत्रित की थीं।
जांच के दौरान पता चला था कि गूगल ने 30 देशों से इस तरह सामाग्री एकत्रित की थी।
इस सामाग्री में ई-मेल संदेश, इंस्टेट मैसेज की जानकारियां, चिकित्सा पंजीकरण और कानून के उल्लघंन के ब्यौरे, विभिन्न वेबसाइटों के लॉग-इन के ब्यौरे, ऑन-लाइन डेटिंग तथा पोर्नोग्राफी वेबसाइटों पर की गई आवाजाही के आंकड़ों की जानकारी शामिल थी।
गलती पर गलती
आईसीओ के इनफोर्समेंट शाखा के प्रमुख स्टीफेन एकरस्ले ने कहा, ''आज दी गई नोटिस इस संबंध में हमारे द्वारा पहले से उठाए गए कदम को मजबूत करने के लिए है ताकि गूगल ऐसा करने के लिए कानूनी तौर पर बाध्य हो और वह उस बचे हुए डेटा को 35 दिन अंदर नष्ट करे जिसके बारे में हमें पिछले साल पता चला था।”
स्टीफेन ने यह भी कहा कि गूगल यदि इस नोटिस पर तत्काल कार्रवाई नहीं करता है तो इसे अदालत की अवमानना माना जाएगा और ऐसा करना कानूनी अपराध है।
गूगल ने पहले कहा था कि उसने आपत्तिजनक डेटा को नष्ट कर दिया है लेकिन पिछले साल गूगल ने स्वीकार किया कि इस तरह के डेटा वाली कुछ डिस्कें “संयोगवश” बची रह गई थीं।