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जनरल बरार पर हमला: दो सिखों पर आरोप तय
Updated Tue, 09 Oct 2012 05:48 PM IST
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रिटायर्ड लेफ़्टिनेट जनरल केएस बरार पर पिछले हफ्ते सेंट्रल लंदन में चार हमलावरों ने चाकू से हमला किया था। ये हमला उस वक्त किया गया था जब वे निजी दौरे पर वहां गए हुए थे। जनरल बरार ने हमले के पीछे खालिस्तानी चरमपंथियों का हाथ बताया था।
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ब्रितानी पुलिस जनरल बरार के हमले के संबंध में अब तक 12 लोगों को गिरफ़्तार कर चुकी है। पुलिस का कहना है कि 33 साल के बरजिंदर सिंह सांघा और 34 साल के मनदीप संधू पर शरीर को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाने की मंशा से चोट मारने के आरोप लगाए हैं। इन दोनों को सोमवार को वेस्टमिंस्टर अदालत में पेश किया जाएगा।
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निशाने पर
बरार ने इससे पहले बीबीसी को बताया कि वो सिख चरमपंथियों और खालिस्तान समर्थकों के निशाने पर रहे हैं और ताजा हमला उन्हें जान से मारने की कोशिश थी। बरार ने हमलावरों के बारे में बताया था, “मुझे पूरा भरोसा है कि वो सिख थे, वरना मेरी उम्र 78 साल हो गई है, कोई और मुझे क्यों मारना चाहेगा।''
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लेफ्टिनेंट जनरल कुलदीप सिंह बरार ने अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में 1984 में हुई सैन्य कार्रवाई का नेतृत्व किया था। स्वर्ण मंदिर के अंदर छिपे चरमपंथियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए भारतीय सेना सिखों के सबसे पवित्र स्थानों में से एक स्वर्ण मंदिर में दाखिल हुई थी। इस कार्रवाई में सैकड़ों लोग मारे गए थे।
मरने वालों में जरनैल सिंह भिंडरावाला भी थे जिनके नेतृत्व में चरमपंथी सिखों के लिए एक अलग राज्य खालिस्तान की मांग कर रहे थे। ऑपरेशन ब्लूस्टार को लगभग 30 वर्ष हो चुके हैं। लेकिन बरार को अब भी भारत में जेड श्रेणी की सुरक्षा दी जाती है, हालांकि जब वो विदेश में होते हैं तो आम तौर पर उनके साथ सुरक्षाकर्मी नहीं रहते हैं।