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ब्रेग्जिट से प्रभावित ब्रिटेन में खुले भारतीय प्रोफेशनलों के लिए द्वार
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Updated Fri, 30 Nov 2018 07:36 AM IST
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BREXIT
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भारतीय कुशल पेशेवरों ने ब्रिटिश सरकार की तरफ से पिछले कुछ महीनों में जारी किए गए वर्क वीजा पाने में अन्य सभी देशों को पीछे छोड़ दिया है। ये जानकारी बृहस्पतिवार को सरकार की तरफ से जारी अधिकृत आंकड़े सामने आने के बाद मिली है। इसे यूरोपियन यूनियन (ईयू) से ब्रिटेन के अलग होने के फैसले यानी ब्रेग्जिट का असर माना जा रहा है।
ब्रिटेन के राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (ओएनएस) ने ब्रिटिश गृह विभाग के पिछले साल के डाटा का विश्लेषण करने के बाद बृहस्पतिवार को बताया कि ब्रेग्जिट के दबाव के चलते ब्रिटेन में ईयू से आने वाले प्रवासियों की संख्या घटी है, जबकि भारत जैसे गैर ईयू देशों के प्रवासियों की संख्या विभिन्न क्षेत्रों में इस दौरान बड़े पैमाने पर बढ़ी है।
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ब्रिटेन के राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (ओएनएस) ने ब्रिटिश गृह विभाग के पिछले साल के डाटा का विश्लेषण करने के बाद बृहस्पतिवार को बताया कि ब्रेग्जिट के दबाव के चलते ब्रिटेन में ईयू से आने वाले प्रवासियों की संख्या घटी है, जबकि भारत जैसे गैर ईयू देशों के प्रवासियों की संख्या विभिन्न क्षेत्रों में इस दौरान बड़े पैमाने पर बढ़ी है।
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भारतीय आईटी कंपनियों का रहा है दबदबा
ओएनएस की रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय पेशेवरों को 2266 से ज्यादा टियर-2 (कुशल कामगार) वीजा जारी किए गए, जिनमें 55 फीसदी वीजा भारतीय आईटी कंपनियों ने हासिल किए। इन कंपनियों ने इन वीजा का इस्तेमाल ब्रिटेन में चल रही परियोजनाओं में अपने कर्मचारियों को भेजने के लिए किया। रिपोर्ट में कहा गया है कि ब्रिटेन की तरफ से जारी किए गए कुल वर्क वीजा में आधी से ज्यादा हिस्सेदारी टियर-2 की रही, जिसमें सितंबर 2017 तक पिछले साल के मुकाबले 15 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी। इस बढ़ोतरी के कारण जारी हुए अधिकतर वर्क वीजा भारतीय पेशेवरों के खाते में गए।
भारतीय छात्रों की संख्या भी बढ़ी
रिपोर्ट के मुताबिक, ब्रिटिश संस्थानों में पढ़ाई के लिए आने वाले भारतीय छात्रों की संख्या में भी करीब 33 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई। सितंबर, 2017 तक भारतीय छात्रों को 18735 शैक्षिक वीजा जारी किए गए थे।
पर्यटन के क्षेत्र में भी भारतीय हावी
ब्रिटेन में पर्यटन वीजा लेकर आने वालों में भी भारतीय ही सबसे आगे रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, 4,68,923 पर्यटन वीजा में से करीब 41,224 वीजा भारतीयों को जारी किए गए, जो पिछले साल के मुकाबले 10 फीसदी ज्यादा है। यहां तक कि कुल जारी सभी तरह के विजिट वीजा में से आधे वीजा भारतीय और चीनी नागरिकों के नाम ही रहे हैं।
ब्रेग्जिट का रहा है प्रभाव
ईयू से ब्रिटेन के बाहर निकलने को लेकर चल रहे विवादित मोलभाव का प्रभाव यहां आने वाले प्रवासियों की संख्या पर दिखाई दिया। बता दें कि ब्रेग्जिट के बाद 28 देशों के आर्थिक ब्लॉक में एक-दूसरे के यहां स्वतंत्र आवागमन बंद हो जाएगा। ओएनएस रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले साल 2.19 लाख ईयू नागरिक ब्रिटेन आए, जबकि 1.45 लाख यहां से चले गए। ये 2012 से अब तक का सबसे कम ईयू प्रवासन माना जा रहा है, जबकि इसके विपरीत गैर ईयू प्रवासन का आंकड़ा 2004 से अब तक का सर्वाधिक है।