{"_id":"87df1d3f77ee9259a239bca721702c9f","slug":"first-time-british-goverment-makes-online-the-secret-report-of-world-war-1","type":"story","status":"publish","title_hn":"पहली बार सार्वजनिक हुईं विश्व युद्ध की ख़ुफ़िया फाइलें","category":{"title":"Europe","title_hn":"यूरोप","slug":"europe"}}
पहली बार सार्वजनिक हुईं विश्व युद्ध की ख़ुफ़िया फाइलें
Updated Sat, 12 Apr 2014 03:28 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ब्रितानी ख़ुफ़िया संस्था एमआई-पांच की पहले विश्व युद्ध के दौरान की गई जांच-पड़ताल की रिपोर्ट और फ़ोटोग्राफ़ को पहली बार ऑनलाइन किया गया है।
विज्ञापन
जिन जासूसों का विवरण इसमें दिया गया है, उनमें स्वॉलो और अमेजनंस के लेखक आर्थर रैनसम और जर्मनी के लिए जासूसी करने के आरोप में फांसी की सज़ा पाने वाली माता हारी के नाम शामिल हैं।
विज्ञापन
इस तरह की 150 से अधिक फ़ाइलों को पहली बार ऑनलाइन उपल्बध कराया गया है।
यह नेशनल आर्काइव की ओर से पहले विश्व युद्ध की शताब्दी मनाने के लिए आयोजित होने वाले समारोहों की एक कड़ी है।
नेताओं की जानकारी
इस तरह की फ़ाइलों में बोल्शेविक पार्टी, ब्रिटिश कम्युनिस्ट पार्टी और दी ब्याय स्काउट एसोसिएशन की निगरानी रिपोर्टें भी शामिल हैं।
इनमें फ़ासिस्टों से लेकर कम्युनिस्टों और ट्राटस्की और ब्लादिमीर लेनिन जैसे रूसी नेताओं के बारे में भी जानकारी है।
इन फ़ाइलों में अमरीकी कवि और लेखक इरा पाउंड और जर्मनी के क़ब्ज़े वाले बेल्जियम में सैनिकों को बचाने वाले ब्रितानी नर्स एडिथ कावेल के बारे में भी विस्तृत जानकारी है।
विज्ञापन
इन फ़ाइलों को नेशनल आर्काइव ने लंदन में पहले विश्व युद्ध की शताब्दी मनाने के लिए ''फ़र्स्ट वर्ल्ड वार 100'' के नाम से आयोजित होने वाले कार्यक्रमों के तहत किया है।
नेशनल आर्काइव में दस्तावेज़ों के विशेषज्ञ डॉक्टर स्टीफ़न ट्विग कहते हैं, ''नेशनल आर्काइव के संग्रह की फ़ाइलें में पहले विश्व युद्ध के दौरान देश की सुरक्षा में ख़ुफ़िया सेवा के महत्व के बारे में बताती हैं।''
वो कहते हैं, ''अब हमने इन फ़ाइलों को अपने वर्ल्ड वार 100 कार्यक्रम के लिए ऑनलाइन उपलब्ध कराया है, जिससे दुनिया भर के लोग युद्ध के रहस्यमय इतिहास के बारे में ख़ुद ही जान सकें।''