{"_id":"389b076e-5f96-11e2-93f9-d4ae52bc57c2","slug":"fast-food-may-cause-asthma-in-kids","type":"story","status":"publish","title_hn":"बर्गर है खतरनाक, बच्चों को बचाएं","category":{"title":"Europe","title_hn":"यूरोप","slug":"europe"}}
बर्गर है खतरनाक, बच्चों को बचाएं
बीबीसी हिंदी
Updated Thu, 17 Jan 2013 09:56 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शोधकर्ताओं का कहना है कि पिज्जा और बर्गर जैसे फास्ट फूड से बच्चों में अस्थमा और एग्जिमा जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ता है।
विज्ञापन
दुनिया भर में बीमारियों और खान-पान की आदतों पर शोध करने वाली एक टीम ने कहा है कि खाने में पोषक तत्वों की कमी इन एलर्जी संबंधी बीमारियों को पनपने का मौका देती है।
विज्ञापन
इस शोध में 50 देशों के पांच लाख से ज्यादा बच्चों के बारे में आंकड़े जमा किए गए। इनमें से जिन बच्चों को बर्गर जैसे फास्ट फूड खाने की आदत है, उनमें अस्थमा, एग्जिमा, खुजली और आंखों से पानी आना जैसी समस्याएं होने का ज़्यादा जोखिम रहता है। थॉरेक्स जर्नल में छपी इस रिपोर्ट में कहा गया है कि पर्याप्त फल खाने से आप बीमारियों से बचे रह सकते हैं।
विज्ञापन
बढ़ता खतरा
फास्ट फूड में आम तौर पर अत्यधिक संतृप्त और ट्रांस फेटी एसिड होते हैं जो रोगों से लड़ने की क्षमता को प्रभावित करते हैं। वहीं फलों में एंटीऑक्सिडेंट्स और अन्य लाभदायक तत्व पाए जाते हैं।
इस अध्ययन में पता चला है कि जिन बच्चों ने अपनी किशोरावस्था की शुरुआत में एक हफ्ते में तीन या उससे ज्यादा बार फास्ट फूड खाया था, उनमें गंभीर रूप से अस्थमा होने की आशंका 39 प्रतिशत तक बढ़ गई।
छह से सात साल के बच्चों में ये जोखिम 27 प्रतिशत ज्यादा पाया गया। दूसरी तरफ हफ्ते में फलों के तीन या उससे ज्यादा टुकड़े खाने से गंभीर अस्थमा, एग्जिमा और आंखों से जुड़ी बीमारी की आशंका 11 से 14 प्रतिशत कम हो जाती है।
'फल और सब्जियां खाएं'
इस अध्ययन को करने वाली टीम में ब्रिटेन की नॉटिंघम यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर हाइवेल विलियम और न्यूजीलैंड की ऑकलैंड यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर इनेस एशर भी शामिल रहे हैं।
आम तौर पर अस्थमा से पीड़ित लोग किसी विशेष खान-पान को नहीं अपनाते हैं। कुछ मामलों में देखा गया है कि गाय के दूध, अंड़ों, मछली, घोंघों, खमीर से बने उत्पादों, कुछ मेवों और कुछ खाने के रंगों से इन बीमारियों के लक्षण बिगड़ने लगते हैं।
अस्थमा यूके संगठन से जुड़ी मलायका रहमान का कहना है कि अस्थमा जैसी बीमारियां बहुत हद तक इस बात पर निर्भर करती हैं कि हम क्या खाते हैं। अगर हम पोषक खाना खाएंगे तो इसका बहुत फायदा होता है। वो बताती हैं कि ताजे फलों और सब्जियों में पाए जाने वाले विटामिनों और एंटीऑक्सीडेंट्स अस्थमा से बचाव में मदद करते हैं।