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जब कुतिया बनी बाघ 'शावकों' की मां...
Updated Sun, 09 Dec 2012 07:59 PM IST
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रुस के सोच्ची जू में बघीरा नाम की एक मादा बाघ ने अपने तीन शावकों को जन्म देने के बाद उनसे नाता तोड़ लिया। बघीरा ने इससे पहले भी दो बार अपने बच्चों को भूखों मरने के लिए छोड़ दिया था।
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पहली बार जब उस मादा बाघिन ने अपने बच्चों को त्यागा था तब उसके बच्चे बच नहीं पाए थे। जबकि दूसरी बार एक कुतिया ने उन्हें दूध पिला कर उनकी जान बचाई थी।
पहले के दोनों अनुभवों को ध्यान में रखते हुए तीसरी बार जब इस बाघिन ने फिर से अपने बच्चों को अपनाने से इनकार कर दिया, तब इन मासूम बच्चों का ध्यान रखने वाले चिड़ियाघर के कर्मचारियों और जानवरों के डॉक्टरों ने समय रहते इंटरनेट पर एक विज्ञापन दे दिया।
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इस विज्ञापन में कहा गया कि उन्हें एक ऐसी कुतिया की ज़रूरत है दो इन बाघ के बच्चों को ना सिर्फ अपनाए बल्कि उन्हें अपना दूध भी पिलाए। विज्ञापन के जवाब में चिड़ियाघर के कर्मचारियों को एक बर्गर ब्लॉन्क स्विस कुतिया के मालिकों ने संपर्क किया।
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इन लोगों से पता चला कि उनके पास पहले से एक कुतिया है जो अपने तीन छोटे-छोटे बच्चों को दूध पिला रही है। इस कुतिया का नाम 'टैली' है। टैली के मालिकों ने बताया कि 'टैली' अपने बच्चों के अलावा इन तीनों शावकों को भी दूध पिला सकती है।
जब इन तीनों शावकों को टैली से मिलवाया गया तब उसने बिना किसी दिक्कत के इन शावकों को अपना लिया। अब टैली अपने नन्हे बच्चों के अलावा इन बाघ शावकों की भी मां है और बड़े ही आराम से उनका भरण-पोषण कर रही है। अब बाघ के ये बच्चे 'टैली' को ही अपनी मां समझते हैं।