फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Europe ›   doctor will be able to grow new teeth in your mouth

जब डॉक्टर उगा सकेगा आपके मुंह में नए दांत?

Tue, 12 Mar 2013 09:12 AM IST
बीबीसी हिंदी
बीबीसी हिंदी Updated Tue, 12 Mar 2013 09:12 AM IST
विज्ञापन
doctor will be able to grow new teeth in your mouth

ब्रिटेन के शोधकर्ताओं का कहना है कि डॉक्टर एक न एक दिन मसूड़े की कोशिकाओं से नए दांत उगाने में कामयाब होंगे। अनुसंधानकर्ताओं का कहना है कि इस तरह से विकसित किए गए नए दांत टूटे हुए दांत की जगह ले सकते हैं।

विज्ञापन


किंग्स कॉलेज लंदन की टीम ने वयस्कों के मसूड़े के ऊतक की कोशिका को लेकर चूहे की अलग तरह की कोशिका से मिलाकर एक दांत उगाने का प्रयोग किया।

हालांकि डॉक्टरों को इस प्रक्रिया का इस्तेमाल करने में अभी भी कई साल लगेंगे।

शोधकर्ताओं का कहना है कि यह बात साबित हो चुकी है कि इस तरीके से नए दांत ज़रूर बनाए जा सकते हैं लेकिन यह क्लिनिक में इस्तेमाल के लिए बेहद महंगा और अव्यवहारिक होगा।
विज्ञापन


जर्नल ऑफ डेंटल रिसर्च में शोधकर्ताओं ने लिखा है कि वे मानव कोशिका को चूहे में डाल कर संकर दांत बनाने में कामयाब रहे और इसकी जड़ मजबूत थी।

अगला कदम
ऐसा पहले भी देखा गया है कि जबड़े में सही कोशिकाओं के अंश को प्रत्यारोपित करने से बेहतर असली दांत तैयार किया जा सकता है।

अगला कदम यह होगा कि नए दांत को उगाने में मददगार साबित होने वाली मानव कोशिकाएं आसानी से उपलब्ध हों जाएं।

इस शोध के प्रमुख प्रोफेसर पॉल शार्प का कहना है कि दांत को उगाने में मददगार कोशिकाएं विज़डम टीथ यानी अकल दाढ़ के मुलायम हिस्से में पाई जा सकती हैं लेकिन उन पर पकड़ बनाना मुश्किल हो जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


उनका कहना है कि एक उम्मीद थी कि एक दिन तकनीक मौजूदा दंत प्रत्यारोपण की प्रक्रिया की जगह ले सकती है लेकिन यह दांत की प्राकृतिक जड़ संरचना को दोबारा तैयार नहीं कर सकती। इसके अलावा जहां दांत लगाया जाता है वहां की हड्डियों पर खाने या जबड़े के हिलने से भी असर पड़ता है।

सस्ता और सरल
वह कहते हैं, “अगर यह तरीका कारगर होता है तो इसका खर्च दंत प्रत्यारोपण के बराबर ही होगा। इसलिए हमें ऐसा करने का एक तरीका ढूंढ़ना होगा जो सरल और सस्ता भी हो।”


कार्डिफ़ यूनिवर्सिटी के हड्डी जीव विज्ञान और ऊतक इंजीनियरिंग के एक विशेषज्ञ प्रोफेसर एलेस्टर सोलन का कहना है कि यह अहम है, लेकिन मरीजों तक इसे उपलब्ध कराने की राह में कई बाधाएं होंगी।

उनका कहना था, “मसूड़े की कोशिकाओं का इस्तेमाल किया गया है और हकीकत यह है कि इससे एक जड़ की संरचना विकसित हो रही है। यह उत्साहजनक कदम है।”

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news, Crime all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed