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रूस: मरने के बाद भी चलेगा मुकदमा
Updated Sat, 16 Mar 2013 06:35 PM IST
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रूस में एक वकील की मौत के बाद भी उनके खिलाफ दर्ज मुकदमे की सुनवाई शुरू होने वाली है। हालांकि अमेरिका और यूरोपीय संसद ने इसकी आलोचना की है लेकिन रूसी अधिकारियों ने उनकी परवाह किए बगैर अपना काम जारी रखने का फैसला किया है।
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रूस में सर्गेई मैगनिट्स्की नाम के एक वकील की जेल में 2009 में मौत हो गई थी। उन्होंने कुछ अधिकारियों पर गलत तरीके से लगभग 23 करोड़ डॉलर कर बचाने का आरोप लगाया था।
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लेकिन कुछ अधिकारियों ने उलटे वकील मैगनिट्स्की पर ही कर चोरी के आरोप लगाए थे जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था।
रूस के इतिहास में शायद ऐसा पहली बार हो रहा है जब किसी अभियुक्त की मौत के बाद भी उनके खिलाफ मुकदमे को जारी रखने का फैसला किया जा रहा है।
मैगनिट्स्की के साथियों का कहना है कि उन्हें जानबूझ कर फंसाने की कोशिश की गई थी ताकि वो कुछ बड़े लोगों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच कर रहे थे।
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मैगनिट्स्की के वकील और उनके परिवार वालों ने भी उनके खिलाफ लगे आरोपों को राजनीति से प्रेरित करार दिया है।
मैगनिट्स्की की मां नतालया मैगनिट्स्काया ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स से बातचीत के दौरान कहा कि एक मरे हुए व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा चलाना अमानवीय है। अगर मैंने इस सर्कस में हिस्सा लिया तो मैं भी इसमें शामिल हो जाऊंगी। मैं इसकी सुनवाई में हिस्सा नहीं लूंगी।
जेल में मौत
यूरोपीय संसद ने इस मुकदमे की आलोचना करते हुए कहा है कि इस मुकदमे की सुनवाई करना राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है और ये इस बात को साफ तौर पर दर्शाता है कि रूस का आपराधिक न्याय प्रणाली ठीक तरह से काम नहीं कर रहा है।
मैगनिट्स्की मॉस्को की एक लॉ फर्म में ऑडिटर यानी लेखा परीक्षक के तौर पर काम कर रहे थे। अपनी नौकरी के दौरान उन्हें इस बात का पता चला कि कथित तौर पर कुछ राजस्व और पुलिस अधिकारी बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी में शामिल हैं।
लेकिन खुद वकील को ही उसी आरोप में गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया गया था। जेल में उन्हें पीटा गया था और उन्हें मेडिकल जांच से वंचित रखा गया था। बाद में 2009 में जेल में ही उनकी मौत हो गई थी।
पिछले साल दिसंबर में मॉस्को की एक अदालत ने वकील की मौत के लिए जेल के डॉक्टर पर लापरवाही के आरोप के मामले में डॉक्टर को बरी कर दिया था।
लेकिन इस केस ने अमेरिका और रूस के रिश्तों में दरार पैदा कर दी थी। पिछले साल अमेरिका ने मैगनिट्स्की एक्ट पास किया था जिसके तहत मानवाधिकार उल्लंघन में शामिल रूसी अधिकारियों की पहचान कर उन्हें ब्लैकलिस्ट कर दिया जाता है।
अमेरिका के इस कानून के जवाब में रूस ने भी एक कानून बनाया जिसके तहत किसी अमेरिकी के रूस के अनाथ बच्चों को गोद लेने पर पाबंदी लगा दी गई थी।
एमनेस्टी इंटरनेशनल ने भी चेतावनी दी है कि ये मुकदमा मानवाधिकार मामले में रूस के खराब रिकॉर्ड में एक नया अध्याय साबित होगा।