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वाइल्ड लाइफ टीवी के बाबा आदम डेविड एटनबरो, जिनके कारनामों के लाखों हैं दीवाने
टीम डिजिटल/अमर उजाला
Updated Wed, 11 May 2016 05:49 PM IST
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दुनिया भर के सबसे मशहूर टीवी प्रजेंटरों में शुमार डेविड एटनबरो सोमवार को 90 साल के हो गए। ब्रिटिश रॉयल नैवी में वर्ष 1947 से 1949 तक काम करने के बाद डेविड ने साल 1952 में ट्रेनी के तौर पर बीबीसी ज्वाइन किया। वर्ष 1954 में उन्होंने अपना पहला मशहूर टीवी शो जू क्वेस्ट शुरू किया।
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इसके बाद डेविड एटनबरो ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। नेचुरल हिस्ट्री पर आधारित उनकी टीवी डॉक्यूमेंट्री सिरीज ने दुनिया भर में तहलका मचा दिया। लाइफ ऑन अर्थ, द लिविंग प्लेनेट, द ट्रायल्स ऑफ लाइफ, द ब्लू प्लेनेट और प्लेनेट अर्थ जैसे टीवी शो ने उन्हें लीजेंड बना दिया।
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बीबीसी के अंदर उन्होंने टेलीविजन की बदलती दुनिया को देखा। इसलिए वे इकलौते ऐसे प्रॉड्यूसर हैं जिन्हें ब्लैक एंड व्हाइट, कलर, एचडी और 3डी सभी विधाओं में बाफ्टा पुरस्कार मिल चुका है।
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उन्हें ब्रिटेन के अंदर राष्ट्रीय संपत्ति जैसा माना जाता है। साल 2002 में उन्हें 100 महान ब्रितानी लोगों में चुना गया। संयोग ये भी है कि डेविड गांधी फिल्म बनाने वाले मशहूर निर्देशक रिचर्ड एटनबरो के छोटे भाई हैं।
वर्ष 1972 में एक समय ऐसा भी आया था जब वे बीबीसी के डायरेक्टर जनरल बनाए जाने वाले थे, लेकिन उन्होंने ऊँचे ओहदे पर बैठने के बदले जंगलों में जाना चुना। वे अपना काम करते रहे, जीवों के विविधरंगी रहस्यमयी संसार को दुनिया को दिखाते रहे।
एक नजर डेविड के उन कारनामों पर जिसके चलते दुनिया भर में लाखों लोग उनके दीवाने हैं
जू क्वेस्ट: 1953 में 28 साल की उम्र में डेविड एटनबरो ने स्टूडियो के बाहर के जीवों की दुनिया को लोगों के सामने पेश किया। इस सिरीज में उन्होंने दुर्लभ जीवों की अविश्वसनीय फुटेज दिखाईं जिनमें चिम्पांजी, पायथन और तरह-तरह के पक्षी शामिल थे।
कलर टीवी: वर्ष 1965 में बीबीसी टू के कंट्रोलर के तौर पर काम कर रहे डेविड एटनबरो ने यूरोप में पहली बार रंगीन टेलीविजन प्रसारित करने का काम किया। उन्होंने जर्मनी के प्रसारकों को तीन सप्ताह के अंतर से पछाड़ा था। उन्होंने सिविलाइजेशन नामक सिरीज कमीशन की थी, जिसे कला इतिहासकार कैनेथ क्लार्क प्रस्तुत करते थे। द एसेंट ऑफ मैन नामक सिरीज को भी उन्होंने कमीशन किया था। टेलीविजन पर इतिहास, संस्कृति और विज्ञान सबकुछ को रोचक बनाने का दौर डेविड ने शुरू किया था।
कॉमेडी: वर्ष 1969 तक डेविड एटनबरो बीबीसी में डायरेक्टर ऑफ प्रोग्राम्स बन चुके थे। टेलीविजन की दुनिया को और भी दिलचस्प बनाने का उनका प्रयोग जारी था।उन्होंने 1969 में कॉमेडी को लेकर प्रयोग किया। उन्होंने 'मांटी पायथन्स फ्लाइंग सर्कस' नामक कॉमेडी शो शुरू किया जो देखते देखते दुनिया भर में मशहूर हो गया। इस सिरीज ने जॉन क्लीसे, माइकल पालीन, टैरी जोंस, इरिक आइडे जैसे सितारों को जन्म दिया। दुनिया के दूसरे देशों में इस सिरीज को देखने के बाद कॉमेडी की शुरुआत हुई।
आदिम समुदाय: वर्ष 1975 में डेविड एक बार फिर प्रकृति की ओर लौटे। उन्होंने बीबीसी की अपनी शानदार नौकरी को छोड़ दी और दुनिया भर की सैर को निकल पड़े। उन्होंने दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में रहने वाले आदिम समुदाय के लोगों पर बेहतरीन डॉक्यूमेंट्री बनाईं।
इनमें कई समुदाय तो ऐसे थे, जिन तक डेविड नहीं पहुंचते तो उनका नाता सालों तक दुनिया से जुड़ ही नहीं पाता। नेचुरल हिस्ट्री: वर्ष 1979 में डेविड ने नेचुरल हिस्ट्री डॉक्यूमेंट्री निर्माण के क्षेत्र में कदम रखा। उन्होंने इस सिरीज में दुनिया भर के जीवों के रोचक संसार को कैमरे में कैद कर प्रस्तुत करने का काम किया।
लाइफ ऑन अर्थ नामक इस सिरीज में उन्होंने तब के कैमरों के सहारे जीवों को उनकी प्राकृतिक रिहाइश में शूट किया। मोटे अनुमान के मुताबिक दुनिया भर में इस सिरीज को करीब 50 करोड़ लोगों ने देखा है। आप इस सिरीज को आप इस लिंक पर देख सकते हैं।
पेड़-पौधे: साल 1994 में एक बार फिर डेविड एटनबरो ने अपने काम की दुनिया में थोड़ा बदलाव किया और वे पौधों की प्राइवेट लाइफ को कैमरे में उतारने लगे। उन्होंने दुनिया के सबसे लंबे फूल वाले पौधे की तलाश किया और उसका नाम रखा टिटम एरम। डेविड के नाम पर कई दूसरे जीवों के नाम रखे गए हैं।
ब्लू प्लेनेट: साल 2001 में डेविड एटनबरो ने आम लोगों का परिचय एक दूसरे संसार से कराया। उन्होंने समुद्र के नीचे की दुनिया को तलाशने का काम शुरू किया। ब्लू प्लेनेट सिरीज में उन्होंने गहरे समुद्र रहने वाले जीवों को पहली बार ना केवल कैमरे में कैद किया बल्कि उसके बारे में दिलचस्प जानकारियां भी पेश कीं।
3डी तकनीक: वर्ष 2015 में बदलते दौर के बाद भी डेविड कभी थमे नहीं। ब्लैक एंड व्हाइट प्रसारण से डेविड ने 3डी टेलीविजन तक का सफर आसानी से पूरा किया। इसी दौरान वे वे ग्रेट बैरियर रीफ के अंदर हजार फीट की गहराई में शूट करने पहुंच गए।
जीव संरक्षण: डेविड एटनबरो हमेशा कहते रहे कि जीवों के संरक्षण का विचार उनके दिमाग में कभी नहीं आया क्योंकि प्राकृतिक दुनिया की सैर उनमें रोमांच भरती रही। लेकिन समय के साथ उन्हें अहसास हो गया कि वे जिन जीवों की कहानी को दुनिया के सामने ला रहे हैं, उनके सामने खतरा लगातार बढ़ रहा है।
ऐसे में उन्होंने पर्यावरण के मुद्दे को बेहतर ढंग से उठाने का काम भी किया। उन्होंने अपने शो के जरिए लोगों को जीव जंतुओं के संरक्षण की बातें बतानी शुरू कीं। अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा भी उनके प्रशंसकों में शामिल हैं।
कलर टीवी: वर्ष 1965 में बीबीसी टू के कंट्रोलर के तौर पर काम कर रहे डेविड एटनबरो ने यूरोप में पहली बार रंगीन टेलीविजन प्रसारित करने का काम किया। उन्होंने जर्मनी के प्रसारकों को तीन सप्ताह के अंतर से पछाड़ा था। उन्होंने सिविलाइजेशन नामक सिरीज कमीशन की थी, जिसे कला इतिहासकार कैनेथ क्लार्क प्रस्तुत करते थे। द एसेंट ऑफ मैन नामक सिरीज को भी उन्होंने कमीशन किया था। टेलीविजन पर इतिहास, संस्कृति और विज्ञान सबकुछ को रोचक बनाने का दौर डेविड ने शुरू किया था।
कॉमेडी: वर्ष 1969 तक डेविड एटनबरो बीबीसी में डायरेक्टर ऑफ प्रोग्राम्स बन चुके थे। टेलीविजन की दुनिया को और भी दिलचस्प बनाने का उनका प्रयोग जारी था।उन्होंने 1969 में कॉमेडी को लेकर प्रयोग किया। उन्होंने 'मांटी पायथन्स फ्लाइंग सर्कस' नामक कॉमेडी शो शुरू किया जो देखते देखते दुनिया भर में मशहूर हो गया। इस सिरीज ने जॉन क्लीसे, माइकल पालीन, टैरी जोंस, इरिक आइडे जैसे सितारों को जन्म दिया। दुनिया के दूसरे देशों में इस सिरीज को देखने के बाद कॉमेडी की शुरुआत हुई।
आदिम समुदाय: वर्ष 1975 में डेविड एक बार फिर प्रकृति की ओर लौटे। उन्होंने बीबीसी की अपनी शानदार नौकरी को छोड़ दी और दुनिया भर की सैर को निकल पड़े। उन्होंने दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में रहने वाले आदिम समुदाय के लोगों पर बेहतरीन डॉक्यूमेंट्री बनाईं।
इनमें कई समुदाय तो ऐसे थे, जिन तक डेविड नहीं पहुंचते तो उनका नाता सालों तक दुनिया से जुड़ ही नहीं पाता। नेचुरल हिस्ट्री: वर्ष 1979 में डेविड ने नेचुरल हिस्ट्री डॉक्यूमेंट्री निर्माण के क्षेत्र में कदम रखा। उन्होंने इस सिरीज में दुनिया भर के जीवों के रोचक संसार को कैमरे में कैद कर प्रस्तुत करने का काम किया।
लाइफ ऑन अर्थ नामक इस सिरीज में उन्होंने तब के कैमरों के सहारे जीवों को उनकी प्राकृतिक रिहाइश में शूट किया। मोटे अनुमान के मुताबिक दुनिया भर में इस सिरीज को करीब 50 करोड़ लोगों ने देखा है। आप इस सिरीज को आप इस लिंक पर देख सकते हैं।
पेड़-पौधे: साल 1994 में एक बार फिर डेविड एटनबरो ने अपने काम की दुनिया में थोड़ा बदलाव किया और वे पौधों की प्राइवेट लाइफ को कैमरे में उतारने लगे। उन्होंने दुनिया के सबसे लंबे फूल वाले पौधे की तलाश किया और उसका नाम रखा टिटम एरम। डेविड के नाम पर कई दूसरे जीवों के नाम रखे गए हैं।
ब्लू प्लेनेट: साल 2001 में डेविड एटनबरो ने आम लोगों का परिचय एक दूसरे संसार से कराया। उन्होंने समुद्र के नीचे की दुनिया को तलाशने का काम शुरू किया। ब्लू प्लेनेट सिरीज में उन्होंने गहरे समुद्र रहने वाले जीवों को पहली बार ना केवल कैमरे में कैद किया बल्कि उसके बारे में दिलचस्प जानकारियां भी पेश कीं।
3डी तकनीक: वर्ष 2015 में बदलते दौर के बाद भी डेविड कभी थमे नहीं। ब्लैक एंड व्हाइट प्रसारण से डेविड ने 3डी टेलीविजन तक का सफर आसानी से पूरा किया। इसी दौरान वे वे ग्रेट बैरियर रीफ के अंदर हजार फीट की गहराई में शूट करने पहुंच गए।
जीव संरक्षण: डेविड एटनबरो हमेशा कहते रहे कि जीवों के संरक्षण का विचार उनके दिमाग में कभी नहीं आया क्योंकि प्राकृतिक दुनिया की सैर उनमें रोमांच भरती रही। लेकिन समय के साथ उन्हें अहसास हो गया कि वे जिन जीवों की कहानी को दुनिया के सामने ला रहे हैं, उनके सामने खतरा लगातार बढ़ रहा है।
ऐसे में उन्होंने पर्यावरण के मुद्दे को बेहतर ढंग से उठाने का काम भी किया। उन्होंने अपने शो के जरिए लोगों को जीव जंतुओं के संरक्षण की बातें बतानी शुरू कीं। अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा भी उनके प्रशंसकों में शामिल हैं।