वर्जिनिटी खोने के डर से लड़कियों की दौड़ पर लगाई रोक
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एक इस्लामिक कॉलेज के प्रिंसिपल ने लड़कियों की वर्जिनिटी खोने के डर से लड़कियों को दौड़ लगाने पर रोक लगा दी। मामले का खुलासा तब हुआ जब कॉलेज के एक टीचर ने एजुकेशन मिनिस्टर को पत्र लिखकर पूरे मामले की जानकारी दी। अभी इस मामले में जांच चल रही है।
अंग्रेजी अखबार द ऐज के मुताबिक यह मामला आस्ट्रेलिया के इस्लामिक कॉलेज अल तकवा का है। कॉलेज के प्रिंसिपल उमर हलाक पर कॉलेज में लड़कियों की दौड़ पर रोक लगाकर भेदभाव का आरोप लगाया गया है।
इस मामले में कॉलेज के पूर्व टीचर ने एजुकेशन मिनिस्टर को पत्र लिखकर मामले की जानकारी दी। प्रिंसिपल पर आरोप है कि उन्होंने लड़कियों की दौड़ पर प्रतिबंध लगा कर लड़कियो के साथ भेदभाव किया है।
ये है प्रिंसिपल का मानना
कहा गया कि प्रिंसिपल को लगता है कि लड़कियों के दौड़ लगाने से उनकी वर्जिनिटी खत्म हो सकती है और लड़कियां बांझ हो सकती हैं। यही नहीं कॉलेज के प्रिंसिपल उमर हलाक का कहना है कि साइंस भी मानता है कि लड़कियों के फुटबॉल खेलेने दौड़ लगाने से वर्जिनिटी खत्म होती है और वे लड़कियां बांझपन का शिकार हो सकती हैं। इस पूरे मामले की जांच स्कूल नियामक विक्टोरियन रजिस्ट्रेशन एंड क्वालीफिकेशंस ऑथोरिटी कर रही है।
हालांकि जब लड़कियों की दौड़ पर रोक लगाने के इस मामले ने तूल पकड़ा तो कॉलेज प्रशासन ने इसका खंडन किया। कॉलेज प्रशासन ने बकायदा अपना बयान जारी कर कहा कि कॉलेज में लड़कियों को पूरी आजादी है और सभी छात्राएं अपने पंसदीदा खेल खेलती हैं। कॉलजे में टेनिस, फुटबाल, हाई जंप, लॉन्ग जंप, बैडमिंटन हॉकी आदि सभी खेल छात्राएं खेलती हैं।