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भटके युवाओं को खेल के ज़रिए सुधार रहा है चर्च

Sat, 27 Oct 2012 03:51 PM IST
बीबीसी हिन्दी
बीबीसी हिन्दी Updated Sat, 27 Oct 2012 03:51 PM IST
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church guiding youth to right direction with sports

रूस की कट्टरपंथी चर्च हाल ही में अपने अधिकारियों के शराब पीकर गाड़ी चलाने और सड़क पर मारपीट करने के कारण खबरों में थी।

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लेकिन रुसी चर्च समाज के लिए अच्छे काम भी कर रही है। इसमें जोखिम भरे खेल पार्कोर के माध्यम से आवारा युवाओं का सही रास्ते पर लाना भी शामिल है।

पार्कोर काफी खतरनाक खेल है जिसमें युवा ऊंचे जगह के कूद कर हवा में समरसाल्ट यानी गुलाटी मारते हुए संतुलन बनाने के अलावा उछल कर दीवार चढ़ने और कूदने का जोखिम लेते हैं। पार्कोर के बारे में माना जाता है कि यह 90 के दशक में पहले फ्रांस में शुरु हुआ।
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रूसी मानसिकता से मेल इवग्ने क्रेनिन सेंट पीटरसबर्ग के सबसे नामी पार्कोर खिलाड़ी हैं। क्रेनिन का कहना है कि यही यकीनी तौर पर असली रोमांच पैदा करने वाला खेल है।
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क्रेनिन ने कहा, “यह खेल हमारी राष्ट्रीय मानसिकता पर खरा उतरता है। हमें जोखिम लेना पसंद है और तेजी से हमें प्यार है। मेरा मानना है कि हम थोडे़ सनकी हैं।”

19 सदी के फ्रांसिसी नौ सेना अधिकारी जॉर्ज हॉबर्ट की तरह क्रेनिन भी मानते हैं कि खेल के हुनर और साहस का इस्तेमाल किसी दूसरे के जीवन पर असर डालने के लिए भी होना चाहिए। हॉबर्ट ने ही सबसे पहले फ्रांस में इस कला को बड़ा किया।

पिछले तीन साल के क्रेनिन बाल सुधार गृहों और जेलों में अपने हुनर का प्रदर्शन कर रहे हैं। क्रेनिन ने बताया, “बाल सुधार गृहों में अधिकतर बच्चे नशे, ग्लू सूंघने और अन्य ड्रग्स लेने के आदी हैं। इसलिए उन पर कोई और जटिल प्रयोग शुरु करने से पहले हमने उनके शरीर में ताकत और लचरता लाने को काम किया।”

सेंट बासिल के सुधार गृह में ऐसी समस्या से छुटकारा दिलाने में मदद के लिए काउंसलरों और थैरेपिस्टों की एक पूरी टीम है लेकिन क्रेनिन मानते हैं कि पार्कोर अपने आप में एक इलाज है।

क्रेनिन ने कहा, “सुधार गृहों में मौजूद कई युवाओं को स्कूल से निकाला जा चुका है। परिणामस्वरुप कई के भीतर काफी क्रोध है। लेकिन आप को मुश्किल की घड़ी में शांत और एकाग्र होना आना चाहिए।” क्रेनिन को रशियन आर्थोडॉक्स चर्च के एक ओर पोस्टर बॉय के रुप में देखा जा सकता है।

पादरी बने खबर हाल ही में पीटरसबर्ग के अखबार एक स्थानीय पादरी द्वारा सड़क पर हुऐ झगड़े में दो बुजुर्ग महिलाओं की पिटाई की खबर के पटे पड़े थे। वेस्वोलोझेक शहर की पेंशनधारी वेलेंटिना पावलोवा ने पुलिस को बताया कि जब उसने पादरी की खराब ड्राइविंग पर सवाल खड़ा किया तो उसने मुंह पर घूंसा मार दिया।

सरगई फ्रुंजा नामक पादरी इसके बाद से निलंबित हैं और पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। लेकिन यह अकेला मामला नहीं है। मास्को में एक और फादर ने अपनी बीएमडब्लयू कार से दो लोगों को कुचल कर मार दिया।


सेंट पीटरसबर्ग में चर्च में विशेष कार्यक्रम चलाने वाले फादर एलेक्जेंडर सेटपानोव ने माना कि पुतिन के शासनकाल में चर्च के अधिकारियों के खराब व्यवहार के कई मामले सामने आए हैं।

इस सब के बीच ऐसा भी हुआ कि पुतिन की आलोचना करने वाले बैंड की तीन सदस्यों जेल भेज दिया गया। इनमें से एक को हाल ही में रिहा किया गया है।

इस बारे में पूछे जाने पर सेटपानोव ने सावधानी बरतते हुए कहा कि बैंड की सदस्यों को जेल भेजना एक गलत फैसला था। यह काफी दुखदाई था। यह सभी को समझना चाहिए कि माफ करना बड़ी बात है। बदले की भावना से कुछ नहीं होना चाहिए।

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