विवादों से पुराना नाता रहा है फ्रांसीसी मैग्जीन चार्ली हेब्डो का
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ऐसा नहीं है कि फ्रांसीसी साप्ताहिक अखबार चार्ली हेब्डो को लोग उसकी व्यंग्यात्मक शैली की वजह से सिर्फ पसंद ही करते हों, इसे गालियां देने वालों की भी कमी नहीं है। उसके पन्ने अश्लील कैरीकेचर और कार्टूनों से अटे पडे़ होते हैं, जो लोगों को भड़काने का काम करते हैं। धार्मिकता पर चोट करने में तो उसे महारत हासिल है।
उसके निशाने पर राजनीतिज्ञ से लेकर अभिनेता और मीडिया जगत की बड़ी हस्तियां अक्सर रहती ही हैं। अखबार को अक्सर पेरिस की अदालतों में देखा जाता है, जहां उस पर लोगों की छवि खराब करने और समाज में वैमनस्यता फैलाने के आरोप लगाए जाते हैं।
यही नहीं अखबार पर अभिव्यक्ति की आजादी का बेजा इस्तेमाल करने का भी आरोप समय-समय पर लगता रहा है। इस अखबार के निशाने पर दुनिया भर के तमाम धर्म रहे हैं। फ्रांस एक धर्मनिरपेक्ष देश है, जहां हर समुदाय को अपने धर्म को मानने की आजादी मिली हुई है।
पैगंबर मोहम्मद को बना दिया था अतिथि संपादक
कुछ समय पहले अखबार के एक अंक के कवर पेज पर टॉयलेट पेपरों के तीन रोल पर कई धर्मों के कार्टून बनाकर लिखा गया था, ‘टॉयलेट में हैं सभी धर्म’। इसके बाद अखबार के एक विशेष अंक में पैगंबर मोहम्मद साहब को अतिथि संपादक बनाकर उनका मुखपृष्ठ पर कार्टून बना दिया था।
जबकि पैगंबर की तस्वीरें बनाना या उनके बारे में कुछ कहना इस्लाम के खिलाफ माना जाता है। जिसके बाद फ्रांस में मुस्लिम समुदाय भड़क उठे थे। इसी तरह अखबार के एक और अंक में मोहम्मद साहब को कवर पेज पर यह कहते दर्शाया गया था कि अगर तुम हंसते हुए नहीं मरोगे तो तुम पर सौ कोडे़ पडे़ंगे।
इस अंक के आने के बाद से मुस्लिमों का गुस्सा सड़कों पर उतर आया था। उन्होंने अखबार के पेरिस स्थित दफ्तर पर तोड़फोड़ की थी। अखबार की वेबसाइट को हैक कर लिया गया। समुदाय ने अखबार के दफ्तर की दीवारों पर संदेश मक्का की तस्वीर के साथ अंग्रेजी में संदेश लिख दिया था कि केवल अल्लाह ही है, दूसरा कोई ईश्वर नहीं।