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इमरजेंसी कॉल के दौरान हंसने पर गई नौकरी
Updated Sat, 26 Oct 2013 12:50 PM IST
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ब्रिटेन में इमरजेंसी कॉल सेवा 999 पर आई एक कॉल के दौरान हंसने के आरोप में पुलिस ने कॉल हेंडलर को निलंबित कर दिया।
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एसेक्स पुलिस में कॉल हेंडलर के तौर पर काम करने वाली 38 वर्षीय सू हीने अब अपने निलंबन के ख़िलाफ़ अपील कर रही हैं।
दरअसल एक पुरुष ने आपात सेवा नंबर 999 पर कॉल किया था और बताया था कि उनका एक रिश्तेदार शराब पीकर गाड़ी चला रहा था और संभवतः वो दुर्घटना का शिकार हो गया है। कॉल के दौरान फ़ोन करने वाले पुरुष और कॉल हेंडलर हँसे भी थे।
विवाद
पुलिस का कहना है कि कॉलर के साथ में हंसना ग़ैर पेशेवर रवैया था और सू हीने मामले को सही से समझने में नाकाम रहीं थीं।
जबकि सू का कहना है कॉल करने वाला व्यक्ति परेशान था क्यों कि उसका मानना था कि पुलिस को कॉल करने की वजह से उसके रिश्तेदार दिक्कत में पड़ सकते हैं।
पाँच साल से कॉल हेंडलर के तौर पर काम कर रही सू हीने का तर्क है कि वे कॉलर के साथ घुलमिलकर उससे घटना के बारे में अधिक जानकारी निकालने का प्रयास कर रहीं थीं।
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कॉल के दौरान अपने रिश्तेदार की कार का नंबर बताते हुए व्यक्ति अंग्रेजी के अक्षर 'ई' को सही से नहीं बता पा रहा था जिस पर सू ने कहा कि क्या यह 'ईको' है। यह सुनकर कॉलर हंसने लगा और सू भी हंसने लगीं।
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हालाँकि एसेक्स पुलिस का मानना है कि सू कॉल के दौरान लापरवाह थीं जबकि वे इस आरोप को सिरे से ख़ारिज करती हैं। उनके निलंबन पत्र में एसेक्स पुलिस ने कॉल के दौरान हंसने को ग़ैर-पेशेवर रवैया बताया है।
पुलिस का कहना है कि सू को कॉल के बारे में विवरण लिखते हुए इसे 'सड़क दुर्घटना- रोकने में नाकाम' बताना चाहिए था। हालाँकि सू का कहना है कि जब व्यक्ति ने फ़ोन किया तो उसका यही कहना था कि संभवतः दुर्घटना हुई हो।
उस समय व्यक्ति के पास सिर्फ़ यही जानकारी थी कि कार को नुकसान हुआ है। और उन्होंने इसी कारण कॉल के विवरण में 'संदिग्ध हालात' लिखा था।
लापरवाही
एसेक्स पुलिस को यह आपात कॉल 9 नवंबर 2012 को आई थी और सू को दिसंबर में निलंबित कर दिया गया था। जुलाई में उन्हें पद से हटाने का फ़ैसला लिया गया। अब वे इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ अपील कर रही हैं।
सू का कहना है कि वे इस फ़ैसले से 'बर्बाद' हो गई हैं। नौकरी जाने के कारण सू और उनके पार्टनर को अपना घर बेचने का फ़ैसला करना पड़ा है।
इस मामले पर पुलिस प्रवक्ता का कहना है कि बाद में ड्राइवर को गिरफ़्तार कर लिया गया था जो दर्शाता है कि यह कितना गंभीर मामला था।
प्रवक्ता के मुताबिक मामले की गंभीरता को देखते हुए ही विभाग के पेशेवर मानक विभाग ने इसकी जांच की। लापरवाही के आरोप के बाद ही उन्हें निलंबित किया गया था।