ब्रेग्जिट : ब्रिटेन की प्रधानमंत्री टेरेसा मे ने संसद में हासिल किया विश्वास मत
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ब्रिटेन में ब्रेक्जिट के मुद्दे पर उथल-पुथल जारी है। ब्रिटेन की प्रधानमंत्री टेरेसा मे पर प्रधानमंत्री की कुर्सी जाने का खतरा फिलहाल टल गया है। ब्रेग्जिट के मुद्दे पर ब्रिटेन की प्रधानमंत्री टेरेसा मे ने संसद में विश्वास मत हासिल कर लिया है। बता दें कि उनके खिलाफ बुधवार को संसद में अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था। उनके समर्थन में 200 कंजर्वेटिव सांसदों ने वोट किया जबकि 117 मत उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर पड़े। पर्याप्त विश्वास मत मिलने के बाद वह फिलहाल प्रधानमंत्री पद पर बनी रहेंगी।
बता दें कि टेरेसा मे के खिलाफ बुधवार रात को संसद में अविश्वास प्रस्ताव लाया गया। बुधवार को ही इस प्रस्ताव पर गुप्त मतदान हुआ और कुछ देर बाद इसके नतीजों का एलान कर दिया गया। इससे पहले माना जा रहा था कि ब्रेक्जिट योजना पर टेरेसा को चुनौती का सामना करना पड़ सकता है। बता दें कि टेरेसा के सामने ब्रेक्जिट मामले में चुनौतियां तब शुरू हुईं जब संसद के 48 कंजर्वेटिव सदस्यों ने 1922 की समिति के समक्ष वोट मांगने के लिए पत्र प्रस्तुत किए। टेरेसा मे ने प्रधानमंत्री बनने के कुछ दिनों बाद ही 2016 में यूरोपीय संघ छोड़ने के लिए वोट किया था जिसकी वजह से उनकी पार्टी में काफी आलोचना भी हुई थी।
#BREAKING British PM May wins party confidence vote, official says pic.twitter.com/lVA0DCyXOz
विज्ञापन विज्ञापन— AFP news agency (@AFP) December 12, 2018
इससे पहले थेरेसा मे सोमवार को आखिरी बार ब्रेक्जिट पर अपने फैसले को लेकर सांसदों को मनाने की कवायद शुरू की थी। लेकिन इसका कुछ खास रिस्पांस नहीं मिला था। ब्रेक्जिट ब्रिटेन के यूरोपीय यूनियन से अलग होने की प्रक्रिया है। इसी मुद्दे पर टेरेसा मे प्रधानमंत्री बनी हैं। टेरेसा ने नवंबर में ब्रसेल्स में अलगाव से संबंधित एक महत्वपूर्ण दस्तावेज पर दस्तखत किए थे।
पिछले महीने ब्रसेल्स के साथ हस्ताक्षर किए गए मसौदे पर मंगलवार को संसद में उनकी सरकार को हार का सामना करना पड़ा है। यह मसौदा इस आधार को लेकर था, जिसके बदौलत 46 साल बाद द्वीप राष्ट्र अपने मुख्य व्यापारिक भागीदार का साथ छोड़ने वाला है।