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आईएस में शामिल होकर बुरे फंसे ब्रिटिश जिहादी

Sun, 26 Oct 2014 08:13 PM IST
एजेंसी/लंदन
एजेंसी/लंदन Updated Sun, 26 Oct 2014 08:13 PM IST
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British man joins  IS the trapped.

इराक और सीरिया में आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) के लिए लड़ रहे ब्रिटिश मुस्लिम जिहादी इस समय बडे़ बुरे फंसे हुए हैं। ये जिहादी अब अपने वतन लौटना चाहते हैं, मगर आईएस की ओर से उन्हें जान से मारने की धमकी मिल रही है। यह दावा किया गया है एक मीडिया रिपोर्ट में।

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ब्रिटेन से करीब 500 ब्रिटिश जिहादी आईएस की ओर से लड़ने के लिए इराक और सीरिया गए थे, जिनमें से 24 इस लड़ाई में मारे जा चुके हैं।

द गार्जियन अखबार में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, "देश वापसी के इच्छुक ब्रिटिश जिहादियों को इस्लामिक स्टेट के आका प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से मौत के घाट उतारने की धमकी दे रहे हैं।"
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यह रिपोर्ट उस समय सामने आई है, जब ब्रिटेन के पोर्ट्समाउथ शहर के रहने वाले 19 वर्षीय मोहम्मद मेहदी हसन को आतंकियों ने देश वापसी की कोशिश करने पर मौत के घाट उतार दिया। उसे आतंकियों ने सीरिया की सीमा पर स्थित कोबाने शहर में पकड़ा था। वह उन छह लोगों में समूह में शामिल था जो आईएस की ओर से लड़ने के लिए सीरिया गए थे। समूह के लोग अपने को ब्रितानी ब्रिगेड बांग्लादेशी बैड ब्वॉयज कहते थे। इसमें से चार लोगों को मौत के घाट उतारा जा चुका है।
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आतंकी संगठन का आका अबू बक्र अल बगदादी है। अखबार में छपी रिपोर्ट में ग्वांतनामो बे जेल के एक पूर्व कैदी मुअज्जम बेग के हवाले से कहा गया है कि भारी संख्या में अपने देश लौटने के इच्छुक ब्रिटिश जिहादी सीरिया और इराक में फंसे हुए हैं। उसने बताया कि वह ऐसे 30 लोगों को जानता है जो सीरिया में बशर अल असद के शासन के खिलाफ विरोधी गुटों का साथ देने आए थे, मगर आईएस के चंगुल में फंस गए।


ब्रिटिश बंधक का एक और वीडियो जारी
आईएस ने ब्रिटिश बंधक जॉन कैंटल का एक और प्रोपेगंडा वीडियो जारी किया है। जिसमें जॉन एक लिखे हुए संदेश को पढ़ रहा है। संदेश में जॉन ने ब्रिटेन और अमेरिका की बंधकों की रिहाई से संबंधित समझौते के प्रति बेरुखी की आलोचना की है। वीडियो में फोटो पत्रकार जॉन आईएस और बंधकों के परिवारों के बीच हुए तथाकथित ईमेल भी पढ़ता है, जिसमें उनकी रिहाई की अपीलें की गई हैं।

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