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भारत को आर्थिक सहायता बंद करेगा ब्रिटेन
बीबीसी
Updated Fri, 09 Nov 2012 10:53 PM IST
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ब्रिटेन की अंतरराष्ट्रीय सहायता मामलों की मंत्री ने घोषणा की है कि ब्रिटेन भारत को साल 2015 तक अपने यहां से मिलने वाली सहायता पर रोक लगा देगा। यह कटौती वर्ष 2013 से 2015 के बीच चरणबद्ध तरीके से की जाएगी। इस दौरान सहायता में करीब 1700 करोड़ रुपयों की कटौती की जाएगी।
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ब्रितानी मंत्री जस्टिन ग्रीनिंग ने इस बाबत घोषणा करते हुए कहा कि यह कदम इसलिए उठाया गया है क्योंकि भारत आर्थिक रूप से तरक्की कर रहा है और दुनिया में एक ताकत के रूप में उभर रहा है।
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विवाद
भारत को मिलने वाली सहायता पर ब्रिटेन में लंबे समय से विवाद हो रहा था, खास तौर पर कंजर्वेटिव पार्टी के कई सांसद भारत को सहायता जारी रखने के खिलाफ मुखर थे। इसके पहले लंबे समय से ब्रितानी सरकारें यह कहकर भारत को सहायता जारी रखने को जायज़ ठहराती रही हैं कि भारत में दुनिया के सर्वाधिक गरीब लोगों का एक बड़ा हिस्सा बसता है।
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जस्टिन ग्रीनिंग ने सितंबर में कार्यभार संभाला है। उसके बाद से वो पूरी दुनिया में ब्रिटेन द्वारा चलाए जा रहे सहायता कार्यक्रमों की समीक्षा कर रही हैं। चंद रोज़ पहले वो इसी सिलसिले में बातचीत करने के लिए भारत आईं थीं।
बदलता भारत
ग्रीनिंग ने इस निर्णय की घोषणा करते हुए कहा कि भारत ने 'जोरदार प्रगति' की है और अब भारत को आर्थिक की जगह तकनीकी सहायता देना अधिक उचित होगा। ग्रीनिंग ने कहा "कार्यक्रमों की समीक्षा और भारत सरकार के साथ बातचीत के बाद इस बात पर सहमति बनी है कि हमें सहायता की जगह परस्पर कुशलता को बढाने पर ध्यान देना चाहिए।"
ब्रितानी मंत्री ने कहा, "वक्त आ गया है कि दुनिया में भारत की बदली हुई स्थिति को पहचाना जाए।" उन्होंने यह स्पष्ट किया कि वर्तमान में चल रहे सभी कार्यक्रमों को सहायता जारी रहेगी लेकिन भविष्य के लिए ब्रिटेन कोई भी नया अनुबंध नहीं करेगा।
बीबीसी के राजनीतिक मामलों के संवाददाता का कहना है कि यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण कदम है क्योंकि ब्रिटेन अपनी सहायता को उन देशों पर केंद्रित करना चाहता है जिन्हें इसकी सबसे ज़्यादा ज़रूरत है।