खेल कूद से परहेज करने वाले बच्चों के लिए बुरी खबर
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आलसी किशोर यदि घर में पड़े रहते हैं और भागदौड़ से परहेज करते हैं तो उनके लिए बुरी खबर है। एक अध्ययन में पाया गया है कि जो लोग दो सप्ताह तक पलंग पर ही पड़े रहते हैं उनकी मांस-पेशियां अपनी एक तिहाई ताकत खो देती हैं, और वे पचास या अधिक उम्र के इंसान की तरह चलने लगते हैं।
उन्हें दुबारा ताकत हासिल करने के लिए तीन गुना अधिक सक्रिय रहना पड़ता है। यह निष्कर्ष उन पर भी लागू होता है जिन्हें किसी हादसे अथवा चोट से ग्रस्त होने के कारण पलंग पर पड़े रहना पड़ता है।
कोपेनहेगन यूनिवर्सिटी के हैल्दी एजिंग एंड डिपार्टमेंट ऑफ बायोमेडिकल साइंस की टीम ने इस पर महत्वपूर्ण अध्ययन किया है। शोधकर्ता डॉ. आंद्रे विगेल्सो ने बताया कि हमारे प्रयोग बताते हैं कि युवा और बुजुर्गों में सक्रियता उनकी मांस-पेशियों की ताकत को बराबरी के साथ प्रभावित करती है।
कम हो जाती है ताकत
शोध पत्रिका रिहेब्लिटेशन मेडिसिन में प्रकाशित अध्ययन के निष्कर्ष बताते हैं कि यदि किशोर बच्चे स्वस्थ रहते हुए आलस दिखाते हैं अथवा चोट ग्रस्त होने के कारण अचानक चलना फिरना छोड़ देते हैं तो अस्वस्थ लोगों की तुलना में उनकी मांस पेशियां अधिक ताकत खो देती हैं। कमोबेश यही हालत उम्रदराज लोगों में भी होती है।