'दो फीसदी पादरी करते हैं बच्चों का यौन शोषण'
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कैथोलिक ईसाइयों के धर्म गुरु पोप फ्रांसिस ने कहा है कि विश्वसनीय आंकडों से मिले संकेतों के मुताबिक कैथोलिक चर्च के "करीब दो फीसदी पादरी" पीडोफाइल हैं यानी वो बच्चों का यौन शोषण करते हैं।
इटली के अखबार ला रिपब्लिका को दिए साक्षात्कार में उन्होंने कहा कि बच्चों का यौनशोषण "कोढ" की तरह है और चर्च को संक्रमित कर रहा है।
उन्होंने कहा है कि वो इससे "सख्ती से निपटेंगे"। पोप का कहना है कि दो फीसदी का अनुमान उनके सलाहकारों से मिला है। दो फीसदी का मतलब दुनिया भर के 4,14,000 पादरियों में से करीब 8,000 पादरियों से होगा।
इन पादरियों पर होगी कार्रवाई?
पोप ने कहा, "इन दो फीसदी में पादरी, बिशप, कार्डिनल हैं।" उन्होंने कहा, "मैं इन हालात को बर्दाश्त के लायक नहीं मानता।"
बीते साल पोप फ्रांसिस ने बच्चों के यौनशोषण को लेकर वेटिकन के कानूनों को कडा किया था और इस महीने की शुरुआत में उन पीडितों से माफी मांगी थी जिनका यौनशोषण पादरियों ने किया है।
यौनशोषण के कई पीड़ित इस बात से नाराज हैं कि वेटिकन उन वरिष्ठ अधिकारियों को सजा देने में नाकाम रहा जिन पर यौन शोषण के मामलों को ढकने के आरोप लगते रहे हैं।