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Google: गूगल के मुखिया को कर्मचारियों ने लिखा पत्र...दुष्ट न बनो पिचाई
Mon, 20 Mar 2023 05:12 AM IST
Jeet Kumar
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
Published by: Jeet Kumar
Updated Mon, 20 Mar 2023 05:12 AM IST
सार
पिचाई ने 20 जनवरी को स्टाफ को ईमेल भेजकर 12 हजार नौकरियां खत्म करने की जानकारी दी थी। उन्होंने इन हालात की वजह बने निर्णयों के लिए खुद को पूरी तरह जिम्मेदार बताया था।
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सुंदर पिचाई
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
गूगल की मालिकाना कंपनी अल्फाबेट के सीईओ सुंदर पिचाई को कंपनी के 1,400 कर्मचारियों ने खुला पत्र लिखकर कहा, वे 'दुष्ट न बनें।' यह कर्मचारी कंपनी से सहकर्मियों की बड़ी संख्या में छंटनी से नाराज हैं। पत्र में उन्होंने पिचाई को कई रास्ते भी दिखाए, जिनसे छंटनी का असर कम हो सकता है। साथ ही कुछ मांगें रखी और इन पर सार्वजनिक वादा करने के लिए कहा है।
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पिचाई ने 20 जनवरी को स्टाफ को ईमेल भेजकर 12 हजार नौकरियां खत्म करने की जानकारी दी थी। उन्होंने इन हालात की वजह बने निर्णयों के लिए खुद को पूरी तरह जिम्मेदार बताया था। वहीं, इसके बाद से कई गूगल कर्मियों ने अपने हालात प्रेस व सोशल मीडिया पर जारी किए। एक पति और पत्नी को गूगल ने साथ-साथ नौकरी से निकाल दिया। उन्होंने बताया कि वे अविश्वास से एक-दूसरे की शक्ल देख रहे थे।
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कहा- इन बिंदुओं पर वादा चाहते है, छंटनी तक नई भर्तियां रोकें। किसी को अनिवार्य रूप से नौकरी से निकालने से बाकी कर्मियों को स्वेच्छा से नौकरी छोड़ने या कार्य समय घटाने के बारे में पहले पूछें।
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हाल में नौकरी से निकाले गए अलफाबेट के कर्मियों को भर्तियों में प्राथमिकता दें। अंदरूनी तबादलों का विकल्प दें, फिर से नौकरी के लिए उनका साक्षात्कार न लें। जिन्हें नौकरी से निकालें, उचित मुआवजा दें।
यूक्रेन व रूस जैसी मानवीय त्रासदियों व संघर्ष से गुजर रहे देशों के कर्मचारियों को संरक्षण दें। अगर कर्मचारी के वीजा पर असर हो सकता है तो उसे तत्काल नौकरी से न निकालें, वरना उन्हें असुरक्षित व अस्थिर हालात वाले देश में लौटना होगा।
कर्मचारियों द्वारा पहले से तय अवकाश जैसे मातृत्व, बच्चों से बॉन्डिंग, शोक आदि की अवधि का ध्यान रखें।