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Iran War: 'बमबारी रुकी तो ही करेंगे मदद', होर्मुज पर ट्रंप की नाराजगी के बाद बोले फ्रांसीसी राष्ट्रपति मैक्रों

Wed, 18 Mar 2026 02:07 AM IST
Devesh Tripathi वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, पेरिस
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, पेरिस Published by: Devesh Tripathi Updated Wed, 18 Mar 2026 02:07 AM IST
सार

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नाटो के साथ कई देशों से होर्मुज जलडमरूमध्य को खुलवाने के लिए सहयोग की अपील करते हुए युद्धपोत भेजने की मांग की थी। हालांकि, ब्रिटेन, फ्रांस, ऑस्ट्रेलिया, जापान और जर्मनी ने इस मामले पर कोई खास प्रतिक्रिया न देते हुए खुद को पश्चिम एशिया में छिड़े युद्ध से दूर रखने के संकेत दिए हैं।

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Emmanuel Macron says France could help secure Hormuz only after bombing stops After Donald Trump Nato remark
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों - फोटो : ANI/Reuters

विस्तार

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने मंगलवार को साफ किया कि मौजूदा युद्ध जैसी परिस्थितियों में फ्रांस होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा में किसी भी तरह की सैन्य भूमिका नहीं निभाएगा। उन्होंने यह बयान अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस अपील के जवाब में दिया, जिसमें उन्होंने सहयोगी देशों से इस रणनीतिक जलमार्ग की सुरक्षा में मदद मांगी थी।
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रक्षा परिषद की बैठक में इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि फ्रांस इस संघर्ष का हिस्सा नहीं है और इसलिए वर्तमान हालात में जलडमरूमध्य को खोलने या सुरक्षित करने के लिए कोई कार्रवाई नहीं करेगा। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जब स्थिति सामान्य हो जाएगी और संघर्ष का तीव्र चरण समाप्त हो जाएगा, तब फ्रांस अन्य देशों के साथ मिलकर जहाजों को सुरक्षा देने में भूमिका निभा सकता है।
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बमबारी और सैन्य अभियानों से अलग हो यह मिशन :मैक्रों
इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि इस तरह के किसी भी मिशन के लिए ईरान के साथ तनाव कम करने और बातचीत की जरूरत होगी। उन्होंने कहा कि यह ईरान में चल रहे सैन्य अभियानों और बमबारी से पूरी तरह अलग होना चाहिए। 

दुनिया में करीब 20 प्रतिशत समुद्री तेल की आपूर्ति करने वाले होर्मुज जलडमरूमध्य फिलहाल पश्चिम एशिया संघर्ष के चलते प्रभावित है। पिछले सप्ताह मैक्रों ने संकेत दिया था कि फ्रांस और उसके सहयोगी इस जलमार्ग को फिर से खोलने के लिए एक रक्षात्मक मिशन की तैयारी कर रहे हैं, लेकिन यह तभी संभव होगा जब हालात में सुधार होगा।


ट्रंप ने जताई थी नाटो से नाराजगी
इमैनुएल मैक्रों के बयान से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नाटो पर निशाना साधते हुए कहा कि संगठन ईरान के मुद्दे पर बड़ी गलती कर रहा है और अमेरिका को किसी मदद की जरूरत नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि उनके अधिकांश सहयोगियों ने जहाजों की सुरक्षा के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है।

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ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने कहा कि उनका देश सहयोगियों के साथ मिलकर होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने की व्यवहारिक योजना पर काम कर रहा है, लेकिन उन्होंने नाटो मिशन से इनकार कर दिया। जर्मनी के अधिकारियों ने भी स्पष्ट किया कि यह युद्ध नाटो का विषय नहीं है।

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