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संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद का आपात सत्र शुरू, म्यांमार, नवलनी, उइगर मुद्दों पर होगा विचार
Mon, 22 Feb 2021 05:49 PM IST
सुरेंद्र जोशी
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, जिनेवा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, जिनेवा
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Mon, 22 Feb 2021 05:49 PM IST
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संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद, file photo
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जिनेवा स्थित संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद का आपात सत्र सोमवार से शुरू हो गया। इसमें म्यांमार में तख्तापलट, रूस में विपक्षी नेता एलेक्सी नवलनी की गिरफ्तारी, चीन में उइगर मुसलमानों के दमन, इथियोपिया एवं श्रीलंका जैसे देशों की स्थिति को लेकर विचार होगा। इन देशों को लेकर बढ़ी चिंता पर संयुक्त राष्ट्र के शीर्ष मानवाधिकार निकाय की वर्ष 2021 में पहली उच्च स्तरीय बैठक हो रही है।
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गुतारेस बोले - दुनिया के हर कोने में हो रहा उल्लंघन
संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने इस मौके पर कहा कि दुनिया के हर कोना मानवाधिकार उल्लंघन की बीमारी से जूझ रहा है। परिषद के एजेंडे में म्यांमार में इस महीने की शुरुआत में सैन्य तख्तापलट एवं उसके बाद शुरू हुए प्रदर्शन को दबाने के लिए हिंसक कार्रवाई शीर्ष पर है।
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चार हफ्ते चलेगा सत्र, कई राष्ट्रपति व पीएम संबोधित करेंगे
मानवाधिकार परिषद के चार हफ्ते चलने वाले सत्र में कई राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री शामिल होंगे। इनमें वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के भी संबोधित करने का कार्यक्रम है, जिनकी सरकार पर विरोधियों के खिलाफ हिंसक कार्रवाई करने के आरोप लगे हैं। इस सत्र में चीन द्वारा उइगर मुसलमानों के प्रति रवैया, इथियोपिया सरकार द्वारा तिग्रे इलाके में कार्रवाई, निकारगुआ जैसे देशों में सरकार प्रायोजित हिंसा आदि पर चर्चा होने की संभावना है।
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ढाई साल बाद अमेरिका भी हिस्सा लेगा
अमेरिका भी करीब ढाई साल के बाद परिषद की कार्यवाही में भागीदारी करेगा। ढाई साल तक तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के शासनकाल में अमेरिका परिषद से हट गया था।