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अमेरिकी सेना को रॉकेट से सैन्य साजो-सामान भेजेंगे एलन मस्क, एक घंटे में होगी डिलिवरी

Sun, 11 Oct 2020 10:47 AM IST
Tanuja Yadav वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, फ्लोरिडा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, फ्लोरिडा Published by: Tanuja Yadav Updated Sun, 11 Oct 2020 10:47 AM IST
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Elon musk will send military cargo through rocket for american army delivery will be done in an hour
एलन मस्क - फोटो : ट्विटर

निजी रॉकेट से अंतरिक्ष यात्रियों को इंटरेशनल स्पेस स्टेशन (आईएसएस) पहुंचाकर नया रिकॉर्ड बनाने वाले एलन मस्क अब रॉकेट से सैन्य साजो-सामान भेजने की तैयारी कर रहे हैं। इसके लिए अमेरिकी सेना ने स्पेसएक्स कंपनी से करार किया है। अब ऐसा रॉकेट बनाया जाएगा जो 12,000 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ान भरेगा।

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एक ऐसा रीयूजेबल रॉकेट बनाया जाएगा जो एक घंटे में दुनिया के किसी भी कोने में 80,000 किलो की सैन्य सामान ले जाने की क्षमता रखेगा। अमेरिका के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, दुनिया के 70 देशों में अमेरिका के 800 सैन्य ठिकाने हैं। इन ठिकानों पर अमेरिका को नियमित रूप से सैन्य सामान भेजना होता है।
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बता दें कि फ्लोरिडा स्थित कैप केनेरवल बेस से अफगानिस्तान में हथियार पहुंचाने के लिए 15 घंटे लगते हैं। इन दोनों जगहों की दूरी 12,314 किमी है और बोइंग सी-17 ग्लोबमास्टर को यह दूरी तय करने में 15 घंटे लगते हैं। यह विमान 750 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ता है। अमेरिका के पास ऐसे 233 विमानों का बेड़ा है। 
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हालांकि इस करार में अभी पहले चरण की लागत का आकलन करना जरूरी है। स्पेसएक्स के मुताबिक, एक विमान की लागत 15 करोड़ से 675 करोड़ रुपये तक पड़ती है। ऐसा माना जा रहा है कि लॉन्चिंग के लिए इस्तेमाल होने वाले स्टारशिप रॉकेट की लागत 15 करोड़ रुपये तक हो सकती है।

बता दें कि स्पेसएक्स अभी फाल्कन 9 रॉकेट का इस्तेमाल करता है, इसके प्राइमरी बूस्टर को दोबारा इस्तेमाल कर सकते हैं। रॉकेट से सैन्य साजो-सामान भेजने का फायदा यह होगा कि विमान को एयरस्पेस से गुजरने के लिए विदेशी सरकारों की अनुमति नहीं लेनी होगी।


हालांकि स्पेसएक्स ने अभी तक कार्गो के साथ लैंडिंग नहीं की है। मिलिट्री रॉकेट में फाल्कन के मुकाबले चार गुना पेलोड होगा। इसके अलावा स्पेस में बैलेस्टिक मिसाइल से हमले का खतरा भी बना रहेगा।

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