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Afghanistan Earthquake: अफगानिस्तान में देर रात 4.6 तीव्रता का आया भूकंप, एक ही दिन में दूसरी बार कांपी धरती
Sun, 22 Mar 2026 02:27 AM IST
Shivam Garg
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काबुल
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काबुल
Published by: Shivam Garg
Updated Sun, 22 Mar 2026 02:27 AM IST
सार
अफगानिस्तान में 4.6 तीव्रता का भूकंप आया। उसी दिन 4.5 तीव्रता का एक और झटका महसूस किया गया। हिंदूकुश क्षेत्र में भूकंप का खतरा बना रहता है।
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earthquake भूकंप
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
अफगानिस्तान में शनिवार देर रात 4.6 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। यह जानकारी नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) ने दी है। एजेंसी के अनुसार, यह भूकंप रात 10:43 बजे (भारतीय समयानुसार) आया और इसकी गहराई करीब 82 किलोमीटर दर्ज की गई। भूकंप का केंद्र देश के उत्तरी-पूर्वी हिस्से में स्थित था।
एक ही दिन में दूसरा झटका
इससे पहले शनिवार सुबह भी 4.5 तीव्रता का एक और भूकंप आया था। उस झटके की गहराई लगभग 130 किलोमीटर बताई गई थी। लगातार आ रहे झटकों से क्षेत्र में सतर्कता बढ़ गई है। संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों के अनुसार, अफगानिस्तान भूकंप, भूस्खलन और बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं के प्रति बेहद संवेदनशील है। लंबे समय से संघर्ष और सीमित संसाधनों के कारण यहां की आबादी इन आपदाओं से उबरने में कठिनाइयों का सामना करती है।
क्यों आता है भूकंप?
पृथ्वी के अंदर 7 प्लेट्स हैं, जो लगातार घूमती रहती हैं। जहां ये प्लेट्स ज्यादा टकराती हैं, वह जोन फॉल्ट लाइन कहलाता है। बार-बार टकराने से प्लेट्स के कोने मुड़ते हैं। जब ज्यादा दबाव बनता है तो प्लेट्स टूटने लगती हैं। नीचे की ऊर्जा बाहर आने का रास्ता खोजती हैं और डिस्टर्बेंस के बाद भूकंप आता है।
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जानें क्या है भूंकप के केंद्र और तीव्रता का मतलब?
भूकंप का केंद्र उस स्थान को कहते हैं जिसके ठीक नीचे प्लेटों में हलचल से भूगर्भीय ऊर्जा निकलती है। इस स्थान पर भूकंप का कंपन ज्यादा होता है। कंपन की आवृत्ति ज्यों-ज्यों दूर होती जाती हैं, इसका प्रभाव कम होता जाता है। फिर भी यदि रिक्टर स्केल पर 7 या इससे अधिक की तीव्रता वाला भूकंप है तो आसपास के 40 किमी के दायरे में झटका तेज होता है। लेकिन यह इस बात पर भी निर्भर करता है कि भूकंपीय आवृत्ति ऊपर की तरफ है या दायरे में। यदि कंपन की आवृत्ति ऊपर को है तो कम क्षेत्र प्रभावित होगा।
कैसे मापा जाता है भूकंप की तिव्रता और क्या है मापने का पैमाना?
भूंकप की जांच रिक्टर स्केल से होती है। इसे रिक्टर मैग्नीट्यूड टेस्ट स्केल कहा जाता है। रिक्टर स्केल पर भूकंप को 1 से 9 तक के आधार पर मापा जाता है। भूकंप को इसके केंद्र यानी एपीसेंटर से मापा जाता है। भूकंप के दौरान धरती के भीतर से जो ऊर्जा निकलती है, उसकी तीव्रता को इससे मापा जाता है। इसी तीव्रता से भूकंप के झटके की भयावहता का अंदाजा होता है।
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एक ही दिन में दूसरा झटका
इससे पहले शनिवार सुबह भी 4.5 तीव्रता का एक और भूकंप आया था। उस झटके की गहराई लगभग 130 किलोमीटर बताई गई थी। लगातार आ रहे झटकों से क्षेत्र में सतर्कता बढ़ गई है। संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों के अनुसार, अफगानिस्तान भूकंप, भूस्खलन और बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं के प्रति बेहद संवेदनशील है। लंबे समय से संघर्ष और सीमित संसाधनों के कारण यहां की आबादी इन आपदाओं से उबरने में कठिनाइयों का सामना करती है।
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क्यों आता है भूकंप?
पृथ्वी के अंदर 7 प्लेट्स हैं, जो लगातार घूमती रहती हैं। जहां ये प्लेट्स ज्यादा टकराती हैं, वह जोन फॉल्ट लाइन कहलाता है। बार-बार टकराने से प्लेट्स के कोने मुड़ते हैं। जब ज्यादा दबाव बनता है तो प्लेट्स टूटने लगती हैं। नीचे की ऊर्जा बाहर आने का रास्ता खोजती हैं और डिस्टर्बेंस के बाद भूकंप आता है।
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जानें क्या है भूंकप के केंद्र और तीव्रता का मतलब?
भूकंप का केंद्र उस स्थान को कहते हैं जिसके ठीक नीचे प्लेटों में हलचल से भूगर्भीय ऊर्जा निकलती है। इस स्थान पर भूकंप का कंपन ज्यादा होता है। कंपन की आवृत्ति ज्यों-ज्यों दूर होती जाती हैं, इसका प्रभाव कम होता जाता है। फिर भी यदि रिक्टर स्केल पर 7 या इससे अधिक की तीव्रता वाला भूकंप है तो आसपास के 40 किमी के दायरे में झटका तेज होता है। लेकिन यह इस बात पर भी निर्भर करता है कि भूकंपीय आवृत्ति ऊपर की तरफ है या दायरे में। यदि कंपन की आवृत्ति ऊपर को है तो कम क्षेत्र प्रभावित होगा।
कैसे मापा जाता है भूकंप की तिव्रता और क्या है मापने का पैमाना?
भूंकप की जांच रिक्टर स्केल से होती है। इसे रिक्टर मैग्नीट्यूड टेस्ट स्केल कहा जाता है। रिक्टर स्केल पर भूकंप को 1 से 9 तक के आधार पर मापा जाता है। भूकंप को इसके केंद्र यानी एपीसेंटर से मापा जाता है। भूकंप के दौरान धरती के भीतर से जो ऊर्जा निकलती है, उसकी तीव्रता को इससे मापा जाता है। इसी तीव्रता से भूकंप के झटके की भयावहता का अंदाजा होता है।
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