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Donald Trump: राष्ट्रपति ट्रंप ने हार्वर्ड पर साधा निशाना; विदेशी छात्रों, फंडिंग और यहूदी विरोध पर उठाए सवाल
Mon, 26 May 2025 09:10 PM IST
पवन पांडेय
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, न्यू जर्सी
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, न्यू जर्सी
Published by: पवन पांडेय
Updated Mon, 26 May 2025 09:10 PM IST
सार
ट्रंप प्रशासन ने हाल ही में हार्वर्ड को विदेशी छात्रों के नामांकन से रोक दिया था और उसका छात्र एवं विनिमय आगंतुक कार्यक्रम प्रमाणन रद्द कर दिया गया। लेकिन हार्वर्ड ने इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताते हुए अदालत में चुनौती दी, जिसके बाद एक संघीय जज ने इस प्रतिबंध पर फिलहाल अस्थायी रोक लगा दी।
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डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिकी राष्ट्रपति
- फोटो : ANI
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विस्तार
हार्वर्ड यूनिवर्सिटी और ट्रंप प्रशासन विवाद के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को मीडिया से बात करते हुए हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में विदेशी छात्रों की बड़ी संख्या को लेकर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि हार्वर्ड में लगभग 31 फीसदी छात्र विदेशी हैं। इससे अमेरिकी छात्रों को दाखिला नहीं मिल पाता। ट्रंप ने यह भी कहा कि कोई विदेशी सरकार हार्वर्ड को पैसा नहीं देती, हम देते हैं। इस तरह उन्होंने इशारा किया कि हार्वर्ड को दिए जाने वाले फेडरल ग्रांट्स रोके जा सकते हैं। उन्होंने विदेशी छात्रों को लेकर खासी नराजागी जताते हुए कहा कि हार्वर्ड में आने वाले विदेशी छात्रों को हम अरबों डॉलर देते हैं, जो हास्यास्पद है। लेकिन वे हमें यह बताने से इन्कार करते हैं कि वे लोग कौन हैं। हम जानना चाहते हैं कि वे लोग कौन हैं। हम अनुदान देते हैं, अब हम शायद हार्वर्ड को ज्यादा अनुदान नहीं देंगे।
यह भी पढ़ें - France: राष्ट्रपति मैक्रों को उनकी पत्नी ने मारा थप्पड़? वायरल हुए वीडियो पर मचा बवाल; जानें क्या है सच्चाई
ट्रंप ने मांगी विदेशी छात्रों की सूची
ट्रंप ने कहा हमें विदेशी छात्रों से कोई परेशानी नहीं होती, लेकिन ये 31 फीसदी नहीं होने चाहिए। यह बहुत ज्यादा है। हमारे पास ऐसे अमेरिकी हैं जो हार्वर्ड और अन्य जगहों पर पढ़ना चाहते हैं, लेकिन वे ऐसा नहीं कर सकते, क्योंकि वहां पहले से ही 31 फीसदी विदेशी हैं। ट्रंप ने हार्वर्ड में पढ़ने वाले विदेशी छात्रों की सूची मांगी और कहा कि उनकी जांच की जाएगी। उन्होंने कहा, कई ठीक होंगे, लेकिन हार्वर्ड के मामले में कई खराब भी होंगे।
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हार्वर्ड पर यहूदी विरोधी होने का आरोप
अमेरिकी राष्ट्रपति की तीसरी चिंता यहूदी-विरोधी भावना का मुद्दा था। ट्रंप ने हार्वर्ड पर बहुत यहूदी विरोधी होने का आरोप लगाया और कहा कि हर कोई जानता है कि वे यहूदी विरोधी हैं। यह तुरंत बंद होना चाहिए। ट्रंप प्रशासन ने यूनिवर्सिटी से मांग की है कि वह अपने प्रोग्राम, भर्ती प्रणाली और प्रशासन में बदलाव करे और कैंपस से यहूदी विरोध और तथाकथित नस्लभेदी विविधता, समानता और समावेशन (डीईआई) नीतियों को हटाए। ट्रंप प्रशासन ने विदेशी छात्रों और कर्मचारियों को निशाना बनाया है। जिनकों लेकर वे मानते है कि वे इस्राइल-हमास युद्ध को लेकर कैंपस में हुए विवादास्पद विरोध प्रदर्शनों का हिस्सा थे।
यह भी पढ़ें - Russia-Ukraine War: रूस ने बीती रात यूक्रेन पर किया अब तक का सबसे बड़ा हमला; 355 ड्रोन और नौ क्रूज मिसाइल दागे
हार्वर्ड की आर्थिक स्थिति पर ट्रंप ने उठाए सवाल
ट्रंप ने हार्वर्ड को दिए जा रहे सरकारी पैसे पर सवाल उठाते हुए कहा कि यूनिवर्सिटी के पास पहले से ही 52 अरब डॉलर बंदोबस्ती के तौर पर (एंडोमेंट फंड) है। उन्होंने कहा, हमने हार्वर्ड को अरबों डॉलर दिए हैं। यह कितना हास्यास्पद है। हार्वर्ड को अपने तरीके बदलने होंगे।
हार्वर्ड अमेरिका और यहूदी विरोधियों को दे रहा प्रश्रय
व्हाइट हाउस ने गुरुवार को कहा कि विदेशी छात्रों का नामांकन एक विशेषाधिकार है, अधिकार नहीं। उन्होंने हार्वर्ड नेतृत्व पर आरोप लगाया कि उन्होंने एक महान संस्थान को अमेरिका विरोधी, यहूदी विरोधी और आतंकवाद समर्थक आंदोलनकारियों का अड्डा बना दिया है।
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ट्रंप ने मांगी विदेशी छात्रों की सूची
ट्रंप ने कहा हमें विदेशी छात्रों से कोई परेशानी नहीं होती, लेकिन ये 31 फीसदी नहीं होने चाहिए। यह बहुत ज्यादा है। हमारे पास ऐसे अमेरिकी हैं जो हार्वर्ड और अन्य जगहों पर पढ़ना चाहते हैं, लेकिन वे ऐसा नहीं कर सकते, क्योंकि वहां पहले से ही 31 फीसदी विदेशी हैं। ट्रंप ने हार्वर्ड में पढ़ने वाले विदेशी छात्रों की सूची मांगी और कहा कि उनकी जांच की जाएगी। उन्होंने कहा, कई ठीक होंगे, लेकिन हार्वर्ड के मामले में कई खराब भी होंगे।
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हार्वर्ड पर यहूदी विरोधी होने का आरोप
अमेरिकी राष्ट्रपति की तीसरी चिंता यहूदी-विरोधी भावना का मुद्दा था। ट्रंप ने हार्वर्ड पर बहुत यहूदी विरोधी होने का आरोप लगाया और कहा कि हर कोई जानता है कि वे यहूदी विरोधी हैं। यह तुरंत बंद होना चाहिए। ट्रंप प्रशासन ने यूनिवर्सिटी से मांग की है कि वह अपने प्रोग्राम, भर्ती प्रणाली और प्रशासन में बदलाव करे और कैंपस से यहूदी विरोध और तथाकथित नस्लभेदी विविधता, समानता और समावेशन (डीईआई) नीतियों को हटाए। ट्रंप प्रशासन ने विदेशी छात्रों और कर्मचारियों को निशाना बनाया है। जिनकों लेकर वे मानते है कि वे इस्राइल-हमास युद्ध को लेकर कैंपस में हुए विवादास्पद विरोध प्रदर्शनों का हिस्सा थे।
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हार्वर्ड की आर्थिक स्थिति पर ट्रंप ने उठाए सवाल
ट्रंप ने हार्वर्ड को दिए जा रहे सरकारी पैसे पर सवाल उठाते हुए कहा कि यूनिवर्सिटी के पास पहले से ही 52 अरब डॉलर बंदोबस्ती के तौर पर (एंडोमेंट फंड) है। उन्होंने कहा, हमने हार्वर्ड को अरबों डॉलर दिए हैं। यह कितना हास्यास्पद है। हार्वर्ड को अपने तरीके बदलने होंगे।
हार्वर्ड अमेरिका और यहूदी विरोधियों को दे रहा प्रश्रय
व्हाइट हाउस ने गुरुवार को कहा कि विदेशी छात्रों का नामांकन एक विशेषाधिकार है, अधिकार नहीं। उन्होंने हार्वर्ड नेतृत्व पर आरोप लगाया कि उन्होंने एक महान संस्थान को अमेरिका विरोधी, यहूदी विरोधी और आतंकवाद समर्थक आंदोलनकारियों का अड्डा बना दिया है।
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