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अमेरिका को बुरा-भला कह रहा था सुलेमानी, कब तक बर्दाश्त करता, मार डाला: ट्रंप
Sun, 19 Jan 2020 11:34 AM IST
अनवर अंसारी
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
Published by: अनवर अंसारी
Updated Sun, 19 Jan 2020 11:34 AM IST
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डोनाल्ड ट्रंप (फाइल फोटो)
- फोटो : Instagram
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ट ट्रंप ने ईरान के कुद्स फोर्स के जनरल कासिम सुलेमानी की हत्या को लेकर एक नई वजह बताई है। रिपब्लिकन पार्टी को दान देने वालों के एक समूह को संबोधित करते हुए ट्रंप ने कहा कि कुद्स फोर्स के जनरल हमले से पहले तक अमेरिका के बारे में बड़ी खराब बातें कर रहे थे। इसी वजह से उन्हें मारने का आदेश देना पड़ा।
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अमेरिकी मीडिया सीएनएन ने ट्रंप की पार्टी के लिए फंड जुटाने वाले एक शख्स के बयान के हवाले से कहा कि ट्रंप ने अपने संबोधन में कहा कि हम (कासिम सुलेमानी) उन्हें और कितना बर्दाश्त करते?
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ट्रंप ने वॉइट हाउस से सुलेमानी पर हमले का पूरा दृश्य देखा था। उन्होंने फ्लोरिडा के पाम बिच पर एक क्लब में आयोजित एक समारोह द्वारा जिक्र किया। ट्रंप ने कहा कि हमें सैन्य अधिकारी बता रहे थे कि वे (सुलेमानी और अन्य) साथ हैं।
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सैन्य अधिकारियों ने ट्रंप से कहा कि सर, उनके पास दो मिनट 11 सेकेंड हैं. कोई भावनाएं नहीं हैं। उनके पास सिर्फ दो मिनट 11 सेकेंड हैं जीने के लिए। वे लोग कार में हैं सर... वे लोग बख्तरबंद गाड़ी में जा रहे हैं। सर, उनके पास जिंदा रहने के लिए करीब एक मिनट समय है। सर....30 सेकेंड, 10 सेकेंड, नौ, आठ... इसी के बाद एक जोर की आवाज आती है। वे जा चुके हैं, सर।
अमेरिका में डेमोक्रेट्स और अन्य आलोचकों ने अमेरिकी राष्ट्रपति के आदेश पर हुए इस हमले के समय पर सवाल उठाया है। दरअसल, ट्रंप ने ऐसे वक्त में ईरानी जनरल कासिम सुलेमानी की हत्या का आदेश दिया, जब उन्हें सीनेट में कुछ दिनों में महाभियोग ट्रायल का सामना करना था।
तीन जनवरी को हुआ था ड्रोन हमला
ईरानी रिवॉल्युशनरी गार्ड के कुद्स फोर्स के मुखिया को अमेरिका ने तीन जनवरी को ड्रोन हमले में मारा था जब वह अपने काफिले के साथ बगदाद में थे। ईरान ने इसका जवाब इराक के अल-असद और इबरिल स्थित दो अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर 22 मिसाइलें दाग कर दिया। उसके बाद दोनों देशों के बीच युद्ध छिड़ने की आशंका गहरी हो गई थी। हालांकि, बाद में अमेरिका ने संयम दिखाया और अब यह आशंका कमजोर हो गई।