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दलाई लामा के उत्तराधिकारी के चयन में दखल न दे भारत: चीन

Sun, 14 Jul 2019 08:24 PM IST
गौरव द्विवेदी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: गौरव द्विवेदी Updated Sun, 14 Jul 2019 08:24 PM IST
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Do not interfere in selection of Dalai Lama successor: China
दलाई लामा (फाइल फोटो) - फोटो : सोशल मीडिया

दलाई लामा के उत्तराधिकारी के चयन को लेकर चीन ने भारत को चेतावनी दी है। चीन ने कहा कि दलाई लामा के उत्तराधिकारी पर कोई भी निर्णय देश के भीतर होना चाहिए। इस मुद्दे पर भारत के किसी प्रकार के दखल का असर द्विपक्षीय संबंधों पर पड़ेगा।

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चीन के वरिष्ठ अधिकारियों और विशेषज्ञों के इस संवेदनशील मुद्दे पर अपनी तरह के पहले दृढ़कथन में कहा गया कि दलाई लामा के उत्तराधिकारी को चीन की सरकार की मान्यता मिलनी चाहिए और दलाई लामा का चयन देश के भीतर 200 वर्ष पुरानी ऐतिहासिक प्रक्रिया के तहत होना चाहिए। तिब्बत में सहायक मंत्री स्तर के अधिकारी वांग नेंग शेंग ने ल्हासा में भारतीय पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा, दलाई लामा का उत्तराधिकारी एक ऐतिहासिक, धार्मिक और राजनीतिक मुद्दा है। दलाई लामा के उत्तराधिकारी के लिए स्थापित ऐतिहासिक संस्थान और औपचारिकताएं हैं। उन्होंने कहा, दलाई लामा के उत्तराधिकारी पर निर्णय उनकी निजी इच्छा अथवा दूसरे देशों में रहने वाले लोगों के गुट द्वारा नहीं लिया जाता।
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तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र की सरकार में महानिदेशक वांग ने कहा कि वर्तमान के दलाई लामा को बीजिंग ने मान्यता दी थी और उनके उत्तराधिकारी की खोज ‘स्वर्ण पात्र में ड्रॉ निकालने की प्रक्रिया के तहत ही होनी चाहिए। बीजिंग में सरकार द्वारा संचालित प्रभावी थिंक टैंक ‘चाइना तिब्बतोलॉजी रिसर्च सेंटर के निदेशक झा ल्यू ने वांग के विचारों से सहमति जताते हुए कहा कि चीन के अंदर चुने गये अगले दलाई लामा को मान्यता नहीं देने के भारत के किसी भी प्रकार के इनकार का असर द्विपक्षीय संबंधों पर पड़ेगा। दलाई लामा की उम्र 84 साल है और उनके उत्तराधिकारी का मुद्दा पिछले कुछ वर्षों में तेज हुआ है। झा की टीम तिब्बत पर नीतिगत मुद्दों पर सरकार को सुझाव देती है।
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उन्होंने कहा, यह एक अहम राजनीतिक मतभेद होगा जो द्विपक्षीय संबंधों पर असर डालेगा और कोई भी समझदार नेता ऐसा नहीं करेगा। उनसे पूछा गया था कि अगर चीन द्वारा चयनित अगले दलाई लामा को भारत ने मान्यता नहीं दी तो क्या होगा। अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए झा ने कहा, चूंकि दलाई लामा का उत्तराधिकारी चीन के लिए अहम मुद्दा है और मित्र देशों अथवा चीन के मित्र इस मुद्दे पर दखल नहीं देंगे। झा ने हालांकि इसे काल्पनिक प्रश्न का काल्पनिक जवाब बताया। गौरतलब है कि दलाई लामा पर भारत अपने रुख पर कायम है।

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