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पाकिस्तान : पेयजल, शैक्षिक सुविधाओं जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए ग्वादर और तुरबत में हो रहे प्रदर्शन
Sat, 02 Oct 2021 12:05 AM IST
Kuldeep Singh
एजेंसी, ग्वादर
एजेंसी, ग्वादर
Published by: Kuldeep Singh
Updated Sat, 02 Oct 2021 12:05 AM IST
सार
पाकिस्तान के नए बंदरगाह शहर ग्वादर और मकरान के तटीय इलाकों में पेयजल, शैक्षिक सुविधाओं, स्वास्थ्य सेवाओं जैसी सुविधाओं के खिलाफ पाक सरकार का जबरदस्त विरोध हो रहा है। प्रदर्शनकारियों में ग्वादर और तुरबत के नागरिक भी शामिल हुए।
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ग्वादर विरोध प्रदर्शन
- फोटो : twitter
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विस्तार
पाकिस्तान के जिस बलूचिस्तान क्षेत्र में चीन के साथ मिलकर परियोजनाएं चलाई जा रही हैं वहां पाक सरकार का जबरदस्त विरोध हो रहा है। नए बंदरगाह शहर ग्वादर और मकरान के तटीय इलाकों में पेयजल, शैक्षिक सुविधाओं, स्वास्थ्य सेवाओं और बढ़ती बेरोजगारी के खिलाफ जबरदस्त प्रदर्शन हुए। प्रदर्शनकारियों में ग्वादर और तुरबत के नागरिक भी शामिल हुए।
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विरोध का नेतृत्व ग्वादर में जमात-ए-इस्लामी बलोचिस्तान के प्रांतीय महासचिव मौलाना हिदायत-उर-रहमान बलोच ने किया। एक जनसभा में उन्होंने कहा कि पिछले 70 सालों से सरकार मकरान और ग्वादर के लोगों की बुनियादी समस्याओं का समाधान नहीं कर पाई है।
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मौलाना ने नागरिक अधिकारों की मांग की और कहा, मछुआरे अपनी आजीविका कमाने में सक्षम नहीं हैं क्योंकि मकरान तट पर मछली पकड़ने के लिए बड़े ट्रॉलरों की अनुमति है। उन्होंने कहा, ग्वादर बंदरगाह बनने के बाद भी लोग बेरोजगार हैं और सरकार उनके लिए कुछ नहीं कर रही है। उन्होंने मांगे मानने के लिए राज्य सरकार को 30 दिन का वक्त दिया है।
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बांग्लादेश में 1971 के नरसंहार पर पाक से माफी मांगने को लेकर यूएन में प्रदर्शन
बांग्लादेशी प्रवासियों ने जिनेवाल में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के 48वें सत्र के मौके पर 1971 में बांग्लादेश में नरसंहार के लिए पाकिस्तान से माफी मांगने की मांग की और पाक विरोधी प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि 1971 में पाकिस्तानी सेना ने बड़े पैमाने पर अत्याचार किए और आत्मनिर्णय की मांग करने वाले करीब 30 लाख लोगों को व्यवस्थित रूप से मार डाला। प्रदर्शनकारियों ने संयुक्त राष्ट्र से विश्व स्तर पर अत्याचारों को नरसंहार के रूप में मान्यता देने और अपराधियों की जांच करने का आग्रह किया।